विश्व

शी चिनफिंग ने गिनी का राष्ट्रपति चुने जाने पर मामादी डौम्बौया को बधाई दी

SHIDDHANT
5 Jan 2026 8:00 PM IST
शी चिनफिंग ने गिनी का राष्ट्रपति चुने जाने पर मामादी डौम्बौया को बधाई दी
x
Chini चीनी: राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने गिनी गणराज्य के राष्ट्रपति चुने जाने पर मामादी डौम्बौया को बधाई संदेश भेजा है। संदेश में शी चिनफिंग ने चीन और गिनी के बीच ऐतिहासिक और मजबूत रिश्तों पर जोर देते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और सहयोग को और विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। शी चिनफिंग ने अपने संदेश में कहा कि चीन की लोक गणराज्य स्थापना के बाद गिनी उप-सहारा अफ्रीका का पहला देश था, जिसने चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दोनों पक्ष लंबे समय से पारस्परिक सम्मान, समानता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों का पालन करते आए हैं।
चीनी राष्ट्रपति ने बताया कि चीन और गिनी ने अपने मूल हितों और प्रमुख चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन किया है और दोनों देशों ने साझा विकास में फलदायी सहयोग को बढ़ावा दिया है। शी चिनफिंग ने कहा कि वह चीन-गिनी संबंधों के निरंतर विकास को उच्च प्राथमिकता देते हैं और राष्ट्रपति डौम्बौया के साथ मिलकर इसे और मजबूती प्रदान करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने विशेष रूप से यह भी कहा कि चीन-गिनी सहयोग का उद्देश्य केवल द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करना नहीं है, बल्कि दोनों देशों के लोगों के कल्याण में सुधार लाना और वैश्विक दक्षिण की एकता को बढ़ावा देना भी है। इस दिशा में दोनों देश आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक सहयोग को और विकसित करने का प्रयास करेंगे।
चीनी राष्ट्रपति ने अपने संदेश में यह स्पष्ट किया कि चीन और गिनी के संबंध विश्वसनीय, स्थायी और परस्पर लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते रहे हैं और आने वाले वर्षों में साझा परियोजनाओं और निवेश पहल के जरिए सहयोग को और बढ़ावा देंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बधाई संदेश न केवल नए राष्ट्रपति डौम्बौया के राजनीतिक मार्गदर्शन में चीन-गिनी संबंधों को सशक्त बनाने का संकेत है, बल्कि यह अफ्रीका और चीन के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को भी मजबूती देने का संदेश देता है।
शी चिनफिंग ने अंत में दोहराया कि वे राष्ट्रपति डौम्बौया के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और वैश्विक दक्षिण की एकता को मजबूत करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। यह कदम चीन और उप-सहारा अफ्रीका के बीच मजबूत राजनयिक और आर्थिक संबंधों को दर्शाता है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग को और मजबूती प्रदान करता है।
Next Story