
वर्ल्ड | ऑस्कर विजेता निर्देशक हमदान बल्लाल ने हाल ही में एक चौंकाने वाली आपबीती साझा की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि एक फिल्म शूट के दौरान उन्हें यहूदियों के हमले का सामना करना पड़ा, और उसके बाद इस्राइली सेना ने भी उनका शारीरिक शोषण किया। बल्लाल ने अपनी अनुभव को सार्वजनिक करते हुए कहा कि इस घटना ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद प्रभावित किया।
हमदान ने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान, उन्हें एक उग्र भीड़ का सामना करना पड़ा, जिसमें यहूदी नागरिक शामिल थे। उन्होंने कहा कि उनका किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था, लेकिन फिर भी उन पर हमला किया गया। बल्लाल ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में जब पुलिस और सेना की मदद की कोशिश की गई, तो इस्राइली सेना ने उनकी मदद करने की बजाय उन्हें और अधिक शारीरिक नुकसान पहुँचाया।
बल्लाल ने अपनी आपबीती को साझा करते हुए कहा, "मैंने सोचा था कि मेरे पास सुरक्षा होगी, लेकिन सेना ने मुझे पीटना शुरू कर दिया। मुझे समझ में नहीं आया कि मुझे क्यों निशाना बनाया गया।" निर्देशक ने कहा कि इस अनुभव ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है और उन्हें अब शांति और स्वतंत्रता की महत्वता का एहसास हुआ है।
समाज और फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिक्रिया
हमदान बल्लाल की इस कहानी को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और समाज में हलचल मची हुई है। कई फिल्म निर्माता और कलाकार इस घटना पर अपनी नाखुशी व्यक्त कर चुके हैं और इस तरह की हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। बल्लाल के समर्थन में कई मानवाधिकार संगठनों ने भी बयान दिए हैं, जिसमें ऐसी घटनाओं की निंदा की गई है।
आगे की राह
बल्लाल का कहना है कि वह अब इस अनुभव से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके लिए यह एक प्रेरणा बन गया है कि वह अपनी फिल्मों के जरिए दुनिया को दिखा सकें कि एक समाज में शांति और सहिष्णुता कितनी महत्वपूर्ण है।





