
वर्ल्ड | स्वयंभू धर्मगुरु नित्यानंद एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार उनके 'कैलासा' राष्ट्र के नाम पर किए गए भूमि अधिग्रहण को लेकर। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, नित्यानंद के अनुयायियों ने धोखे से बोलिविया में 4.8 लाख हेक्टेयर (करीब 12 लाख एकड़) जमीन हड़प ली। इस घोटाले ने बवाल मचा दिया है और बोलिविया सरकार ने इस सौदे को तुरंत रद्द कर दिया है।
यह कथित भूमि अधिग्रहण न केवल बोलिविया सरकार के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक बड़ा विवाद बन गया है। नित्यानंद और उनके अनुयायी, जो पहले से ही भारत में कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, अब अपनी गतिविधियों के लिए और भी ज्यादा आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।
'कैलासा' नामक स्वघोषित राष्ट्र के तहत नित्यानंद ने कई विवादित कदम उठाए हैं और अब यह भूमि घोटाला उनके लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। इसके बावजूद, नित्यानंद का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी और वैध थी, लेकिन बोलिविया सरकार ने इसे धोखाधड़ी मानते हुए रद्द कर दिया है।
निष्कर्ष:
नित्यानंद का यह नया विवाद उनके लिए एक और कानूनी संकट उत्पन्न कर सकता है। हालांकि, कैलासा राष्ट्र के निर्माण में उनकी और उनके अनुयायियों की गतिविधियों पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।





