
तुर्की | तुर्की में इस्तांबुल के मेयर इकरेम इमामोग्लू की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया और रबड़ की गोलियां दागीं। यह घटना शुक्रवार को उस समय हुई जब हजारों लोग तुर्की के विभिन्न शहरों में इमामोग्लू के समर्थन में सड़क पर उतर आए थे।
इमामोग्लू की गिरफ्तारी पर विवाद बढ़ता जा रहा है, और विपक्षी दलों ने इसे तानाशाही के संकेत के रूप में देखा है। इस्तांबुल के मेयर, इमामोग्लू को पिछले महीने एक न्यायिक फैसले में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उन्हें 2 साल और 7 महीने की सजा सुनाई गई। यह फैसला तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन की आलोचना करने के बाद आया है। इमामोग्लू ने चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर एर्दोआन के समर्थकों को ललकारा था, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है, क्योंकि इमामोग्लू विपक्षी दल के एक प्रमुख नेता के रूप में उभर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान, पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और रबड़ की गोलियां चलाकर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए, और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
इमामोग्लू के समर्थक इसे तुर्की की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ एक हमला मानते हैं। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति एर्दोआन और उनकी सरकार पर तानाशाही बढ़ाने का आरोप लगाया है। हालांकि, सरकार ने इमामोग्लू की गिरफ्तारी को न्यायिक प्रक्रिया के रूप में पेश किया है और इसे राजनीतिक रंग देने से इनकार किया है।
तथापि, तुर्की में इमामोग्लू की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का यह सिलसिला जारी रह सकता है, और यह तुर्की की राजनीति में और भी उतार-चढ़ाव ला सकता है।





