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World News : क्वेटा में बलूच प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी, तीन की मौत

Uma Verma
23 March 2025 8:24 AM IST
World News : क्वेटा में बलूच प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी, तीन की मौत
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वर्ल्ड | पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात फिर बिगड़ गए हैं। क्वेटा में प्रदर्शन कर रहे बलूच नागरिकों पर सुरक्षा बलों ने गोलियां चला दी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है और प्रदर्शनकारी मारे गए लोगों के शवों के साथ धरने पर बैठ गए हैं

क्या है मामला?

बलूच नागरिकों का यह प्रदर्शन लापता लोगों को वापस लाने की मांग को लेकर हो रहा था। बलूचिस्तान में हजारों लोग रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके हैं, जिनमें कई सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हैं। इन लापता लोगों के परिवार कई सालों से सरकार से उनके बारे में जानकारी मांग रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

कैसे हुई हिंसा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारी जब क्वेटा के मुख्य इलाके में विरोध जता रहे थे, तभी सुरक्षा बलों ने उन पर गोलियां चला दीं

  • इस हमले में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए।

  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया

  • प्रदर्शनकारियों ने जब शवों को सड़क पर रखकर धरना शुरू किया, तो पुलिस ने और अधिक बल प्रयोग किया।

बलूच नेताओं और प्रदर्शनकारियों का बयान

बलूच कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार बलूच लोगों की आवाज को दबाने के लिए हिंसा का सहारा ले रही है

  • एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम सिर्फ अपने परिवार के लापता सदस्यों की वापसी चाहते हैं, लेकिन हमें गोलियों से जवाब दिया जा रहा है।"

  • बलूच नेशनल मूवमेंट ने इस हमले को "राज्य प्रायोजित नरसंहार" करार दिया है।

तनाव और विरोध प्रदर्शन जारी

इस गोलीबारी के बाद बलूचिस्तान में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है

  • क्वेटा के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है ताकि प्रदर्शनकारी एकजुट न हो सकें।

  • बलूचिस्तान में अन्य जिलों में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं

  • मानवाधिकार संगठनों ने इस हिंसा की निंदा की है और पाकिस्तान सरकार से जवाब मांगा है

आगे क्या?

बलूचिस्तान में लापता लोगों का मुद्दा लंबे समय से गरमाया हुआ है और यह घटना सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ आक्रोश को और भड़का सकती है।

  • अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का दबाव बढ़ सकता है

  • बलूच संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई जा सकती है

  • पाकिस्तान सरकार पर इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही का दबाव बढ़ सकता है

इस घटना के बाद बलूचिस्तान एक बार फिर अशांति के केंद्र में आ गया है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की आशंका है।


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