
वर्ल्ड | नेपाल की राजधानी काठमांडू में रविवार को पुलिस ने 100 से अधिक राजशाही समर्थकों को गिरफ्तार किया। वे पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। यह कार्रवाई तब हुई जब प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर राजशाही की बहाली और वर्तमान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह पर 7.93 लाख नेपाली रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना काठमांडू महानगरपालिका द्वारा एक निजी कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक जगह पर निर्धारित शुल्क चुकाए बिना आयोजन करने के कारण लगाया गया। इससे नाराज उनके समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे।
नेपाल में राजशाही 2008 में समाप्त कर लोकतंत्र लागू किया गया था, लेकिन अब भी एक वर्ग राजतंत्र की वापसी की मांग करता है। हाल के वर्षों में राजशाही समर्थकों का प्रभाव बढ़ा है और कई बार बड़े प्रदर्शन भी हो चुके हैं। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को कुछ घंटों की पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाएगा।
विश्लेषकों के अनुसार, नेपाल में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और सरकार के खिलाफ गहराते असंतोष के कारण राजशाही समर्थकों की सक्रियता बढ़ी है। हालांकि, सरकार इस तरह के प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने के संकेत दे रही है।





