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अफगानिस्तान में तालिबान सरकार का गठन फिर टल गया है. इसको लेकर तालिबान का अधिकारिक बयान आया है, जिसमें कहा गया है कि नई सरकार का गठन 2 से 3 दिन बाद होगा. सरकार में शामिल लोगों के नामों का खुलासा भी उसी वक्त किया जाएगा
चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने कहा है कि नई अफगान सरकार खुली और समावेशी होगी. पूरी तरह से आतंकवादी संगठनों से किनारा कर लेगी. साथ ही अन्य देशों, विशेष रूप से पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध स्थापित और विकसित करेगी.
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा है, मुझे नहीं लगता कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सदस्य अफगानिस्तान की स्थिति पर निष्क्रिय हैं. हम (भारत) जमीन पर नहीं हैं, वहां कोई संपत्ति नहीं है. ऐसा नहीं है कि हम कुछ नहीं कर रहे हैं, हम अफगानिस्तान में रुचि रखने वाले हर देश के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा कि अगस्त के लिए यूएनएससी अध्यक्ष के रूप में हमने 4 प्रस्तावों को अपनाया लेकिन अफगानिस्तान पर प्रस्ताव बहुत महत्वपूर्ण था
तालिबानी प्रवक्ता सुहैल शाहीन भारत में (मुस्लिम) अल्पसंख्यकों को लेकर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि अगर आप (भारत) मेरे देश में अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाने का अधिकार खुद को देते हैं तो हमें भी आपके देश में अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाने का अधिकार क्यों नहीं होना चाहिए? तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन का ये बयान तब आया है जब अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनने जा रही है.
सरकार के गठन से कुछ समय पहले तालिबान ने पंजशीर घाटी पर भी कब्जा करने का दावा किया. हालांकि, पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने तालिबान के दावे के दावे को खारिज कर दिया है. पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने कहा, 'कुछ मीडिया में ऐसी खबरें चल रही हैं कि मैं अपने देश से भाग गया हूं. यह बिल्कुल निराधार है. है. यह मेरी आवाज है, मैं आपको पंजशीर घाटी से, अपने बेस से बोल रहा हूं.'
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