
वर्ल्ड | अमेरिका की एयरोस्पेस कंपनी बोइंग (Boeing) को अगली पीढ़ी के फाइटर जेट बनाने का बड़ा अनुबंध मिला है। अमेरिकी वायुसेना के इस प्रोजेक्ट को चीन के बढ़ते सैन्य प्रभाव का जवाब देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डील ट्रंप प्रशासन की सैन्य नीति का हिस्सा हो सकती है, यदि वे दोबारा सत्ता में आते हैं।
"नई पीढ़ी के फाइटर जेट्स का होगा विकास"
बोइंग द्वारा विकसित किए जाने वाले ये फाइटर जेट्स आधुनिक तकनीक से लैस होंगे, जिनमें स्टील्थ क्षमताएं, AI-ड्रिवन सिस्टम और लंबी दूरी तक वार करने की ताकत होगी। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इन जेट्स को आने वाले दशकों में वायुसेना की रीढ़ बताया है।
"चीन पर ट्रंप की सख्त रणनीति?"
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी चीन की सैन्य और आर्थिक नीतियों पर कड़ा रुख अपनाया था। यदि वे फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो माना जा रहा है कि यह नई फाइटर जेट डील चीन को काउंटर करने की उनकी रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा होगी।
"अमेरिकी सैन्य ताकत में इजाफा"
इस नई डील से अमेरिका की सैन्य शक्ति को और मजबूती मिलेगी। बोइंग के इन फाइटर जेट्स की पहली खेप अगले कुछ वर्षों में वायुसेना में शामिल हो सकती है, जिससे अमेरिका की रक्षा प्रणाली और अधिक उन्नत होगी।





