विश्व

क्या बर्बाद हो जाएगी पुतिन के देश की इकोनॉमी? जानें- क्‍या है SWIFT जिससे रूस को बाहर करने की दी जा रही है धमकी

jantaserishta.com
27 Feb 2022 9:30 AM IST
क्या बर्बाद हो जाएगी पुतिन के देश की इकोनॉमी? जानें- क्‍या है SWIFT जिससे रूस को बाहर करने की दी जा रही है धमकी
x

नई दिल्ली: यूक्रेन पर रूस के हमले (Russia Ukraine Crisis) से नाराज अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय आयोग ने रविवार को उसके खिलाफ और कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है. इन प्रतिबंधों में स्विफ्ट मैसेजिंग सिस्टम (SWIFT Messaging System) से सेलेक्टेड रूसी बैंकों को बाहर करना भी शामिल है. पश्चिमी देशों के नेताओं ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की यूक्रेन पर कार्रवाई को गलत ठहराया है और कहा है कि मास्को ये सब सिर्फ यूक्रेन के मनोबल को तोड़ने के लिए कर रहा है.

जर्मनी (Germany) शुरू में स्विफ्ट इंटरबैंक पेमेंट सिस्टम से कई रूसी बैंकों को हटाने से हिचकिचा रहा था. लेकिन अन्य देशों का दबाव बढ़ने के बाद वह झुक गया. सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन (SWIFT) दुनिया की प्रमुख बैंकिंग संदेश सेवा है, जो भारत सहित 200 से अधिक देशों में लगभग 11,000 बैंकों और वित्तीय संस्थानों को जोड़ती है. बेल्जियम स्थित इस सिस्टम को वैश्विक वित्त व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और अगर रूस इससे बाहर होता है, तो यह उसके लिए एक बड़ा झटका साबित होगा.
स्विफ्ट दुनिया का इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम नेटवर्क है. यह किसी भी तरह के फंड ट्रांसफर को मैनेज नहीं करता, लेकिन अपने मैसेजिंग सिस्टम के माध्यम से सुरक्षित और सस्ते तरीके से कही भी तेजी से भुगतान की सुविधा प्रदान करता है. SWIFT मैसेजिंग सिस्टम को 1970 में तैयार किया गया था. इसका मकसद टेलेक्स मशीनों के ऊपर से निर्भरता को खत्म करना था. इस सिस्टम का सबसे ज्यादा इस्तेमाल अमेरिका और रूस के यूजर्स करते हैं. नेशनल एसोसिएशन रॉसविफ्ट के मुताबिक, लगभग 300 रशियन एसोसिएशन इंस्टीट्यूशन स्विफ्ट का इस्तेमाल करते हैं.
रूसी बैंकों को स्विफ्ट सर्विस का लाभ उठाने से प्रतिबंधित करना दुनिया भर के वित्तीय बाजारों तक रूस की पहुंच को प्रतिबंधित कर देगा. इससे न केवल रूसी कंपनियों और नागरिकों के आयात के लिए भुगतान करना, बल्कि निर्यात के लिए कैश प्राप्त करना भी कठिन हो जाएगा. इसके अलावा, रूस को सामान बेचना भी जोखिम भरा और अधिक महंगा हो जाएगा. हालांकि रूसी बैंक उन देशों में बैंकों के माध्यम से भुगतान करने के लिए फोन, मैसेजिंग ऐप या ईमेल जैसे वैकल्पिक मैसेजिंग सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं, जिन्होंने प्रतिबंध नहीं लगाए हैं. लेकिन वो कम कुशल और असुरक्षित हो सकते हैं. वहीं, लेनदेन की मात्रा भी गिर सकती है और लागत भी बढ़ सकती है.
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story