
दुनिया के कई मशहूर संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) व सरकारों को चेताया है कि मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर मुस्तैदी बढ़ाने की जरूरत है। रोग विशेषज्ञों का कहना है कि मंकीपॉक्स को लेकर डब्ल्यूएचओ व मौजूदा सरकारों का रवैया ठीक वैसा ही है, जैसा कोविड की शुरुआत में था। जबकि, मंकीपॉक्स दुनिया के 20 से ज्यादा देशों में फैल चुका है और 300 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही मंकीपॉक्स कोविड की तरह बहुत ज्यादा संक्रामक और घातक नहीं है, लेकिन इसकी रोकथाम सुरक्षित इलाज और खासतौर पर संक्रमितों के आइसोलेशन को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश तैयार करने की जरूरत है। इसके अलावा संक्रमण के जोखिम वाले लोगों की पहचान के लिए जांच और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग जैसे उपाय शुरू किए जाने चाहिए।
हालांकि, डब्ल्यूएचओ मंकीपॉक्स के प्रकोप का आकलन संभावित अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के तौर पर करने की तैयारी कर रहा है, ताकि कोविड व इबोला की तर्ज पर इसकी रोकथाम के उपाय किए जा सकें।





