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व्हाइट हाउस का दावा- 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' से कमजोर हुआ ईरानी तंत्र

SHIDDHANT
16 July 2026 11:46 PM IST
व्हाइट हाउस का दावा- ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से कमजोर हुआ ईरानी तंत्र
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Washington वॉशिंगटन: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा है कि ईरानी शासन के भीतर अब ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो अमेरिका के साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के इच्छुक हैं, जबकि कुछ गुट अभी भी बातचीत को लेकर अनिच्छुक हैं। उन्होंने दावा किया कि यह स्थिति अमेरिका के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की प्रभावशीलता को दर्शाती है। कैरोलीन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इस अभियान के बाद ईरानी शासन की संचार क्षमता प्रभावित हुई है और वहां का तंत्र पहले की तुलना में कमजोर एवं विभाजित हो गया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब वह मजबूत और प्रभावशाली आतंकी नेटवर्क वाला राज्य नहीं रहा, जैसा वह पहले था।
व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा कि ऑपरेशन का एक प्रमुख उद्देश्य ईरानी शासन की क्षमताओं को कमजोर करना था और अमेरिका का मानना है कि यह लक्ष्य काफी हद तक हासिल हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका बातचीत और कूटनीति के विकल्प को हमेशा खुला रखता है। लेविट ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति उन परिस्थितियों में जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे, जब ईरान अपने बयानों और प्रतिबद्धताओं से पीछे हटेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक ओर अपने हितों और सुरक्षा को प्राथमिकता देगा, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को भी बनाए रखेगा।
उन्होंने ईरान के भीतर मौजूद अलग-अलग रुख वाले गुटों का जिक्र करते हुए कहा कि यह विभाजन इस बात का संकेत है कि वर्तमान स्थिति पहले जैसी नहीं है। अमेरिका आगे की रणनीति तय करते समय इन परिस्थितियों को ध्यान में रखेगा। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बना हुआ है। व्हाइट हाउस का यह बयान इसी पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें उसने दबाव और कूटनीति दोनों के इस्तेमाल की नीति दोहराई है।
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