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Global Terrorism Index में पाकिस्तान के नंबर 1 पर पहुँचने के पीछे क्या है?

Anurag
22 March 2026 6:43 PM IST
Global Terrorism Index में पाकिस्तान के नंबर 1 पर पहुँचने के पीछे क्या है?
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Pakistan पाकिस्तान: पाकिस्तान पहली बार ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पहले नंबर पर आया है। 2025 में आतंकवाद से जुड़ी मौतों में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा जारी ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 के अनुसार, पिछले साल देश में 1,139 मौतें दर्ज की गईं। न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह देश की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को दिखाता है।

यह पूरी रिपोर्ट 163 देशों में आतंकवाद के असर का आकलन करती है। इसमें बताया गया है कि पाकिस्तान के अपने पड़ोसियों, खासकर अफगानिस्तान के साथ "तनावपूर्ण" रिश्ते, और साथ ही बैन किए गए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) की तरफ से बढ़ती हिंसा ने "सुरक्षा के लिए बड़े खतरे" पैदा कर दिए हैं।

रिपोर्ट के नतीजों से पता चलता है कि "पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली मौतें अब 2013 के बाद से सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। 2025 में देश में आतंकवाद से 1,139 मौतें हुईं और 1,045 घटनाएं दर्ज की गईं।" TTP ने देश के अंदर "सबसे खतरनाक" आतंकी संगठन के तौर पर अपनी जगह पक्की कर ली है, और दुनिया भर में यह तीसरा सबसे खतरनाक संगठन बन गया है।

TTP सबसे बड़े खतरे के तौर पर उभरा

IEP के डेटा से पता चलता है कि "2009 से अब तक पाकिस्तान में हुए कुल हमलों में से 67% से ज़्यादा हमले TTP ने किए हैं। पाकिस्तान में हमलों के मामले में यह दूसरे सबसे सक्रिय संगठन BLA से पाँच गुना ज़्यादा हमले करता है।" खास बात यह है कि दुनिया के चार सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से TTP ही एकमात्र ऐसा संगठन था, जिसकी गतिविधियों में पिछले साल बढ़ोतरी देखने को मिली।

2025 में इस संगठन की मारक क्षमता में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई। हमलों की घटनाओं में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल 595 हमले हुए। ये हमले मुख्य रूप से अफगानिस्तान की सीमा के पास खैबर पख्तूनख्वा इलाके में हुए, जिनमें 637 लोगों की मौत हुई। यह आंकड़ा 2011 के बाद से सबसे ज़्यादा है। रिपोर्ट में 2025 में इस संगठन के सबसे बड़े हमले के तौर पर "सेना को निशाना बनाकर किए गए एक हथियारबंद हमले" का ज़िक्र किया गया है, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई थी।

क्षेत्रीय अस्थिरता और अफगानिस्तान का असर

IEP के अनुसार, काबुल में अफगान तालिबान की वापसी का "पाकिस्तान की सुरक्षा और स्थिरता पर गहरा असर पड़ा है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि इस भू-राजनीतिक बदलाव ने "TTP को अपनी भौगोलिक पहुँच और काम करने की क्षमता को काफ़ी हद तक बढ़ाने के लिए साधन और प्रेरणा दी, जिसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में हिंसक उग्रवाद में काफ़ी बढ़ोतरी हुई।"

बंधक बनाने की घटनाओं में तेज़ी

हालाँकि हमलों की कुल संख्या में थोड़ी कमी आई, लेकिन 2025 पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी का "लगातार छठा साल" रहा। इसके अलावा, देश में बंधक बनाने की घटनाओं में भारी तेज़ी देखी गई; पीड़ितों की संख्या 2024 में 101 से बढ़कर 2025 में 655 हो गई। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण जाफ़र एक्सप्रेस पर हुआ हमला था, जिसमें 442 लोगों को बंधक बना लिया गया था।

हिंसा मुख्य क्षेत्रों तक सीमित

आंतरिक सुरक्षा में कमी सबसे ज़्यादा खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में साफ़ दिखाई देती है; 2025 में पाकिस्तान में हुए "74% से ज़्यादा आतंकवादी हमले और 67% मौतें" इन्हीं दोनों क्षेत्रों में हुईं। वैश्विक स्तर पर, पाकिस्तान अब बुर्किना फ़ासो, नाइजीरिया, नाइजर और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो के साथ उन पाँच देशों में शामिल हो गया है, जहाँ दुनिया भर में आतंकवाद से होने वाली लगभग 70 प्रतिशत मौतें होती हैं।

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