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यूरोप में होने वाला है युद्ध? यूक्रेन की सरहद पर रूस ने भेजी 80 हजार सैनिकों की फौज

Gulabi
13 April 2021 2:40 PM GMT
यूरोप में होने वाला है युद्ध? यूक्रेन की सरहद पर रूस ने भेजी 80 हजार सैनिकों की फौज
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इस बीच रूस ने पश्चिमी देशों को धमकी दी है कि वो यूक्रेन की मदद न करें

इस बीच रूस ने पश्चिमी देशों को धमकी दी है कि वो यूक्रेन की मदद न करें. इसके लिए रूस ने पूर्वी यूरोप में अपनी और यूक्रेन की सीमा से लगते देशों में निगरानी भी बढ़ा दी है.

यूक्रेन पर चढ़ाई को तैयार रूस?
ब्रसेल्स: रूस और पश्चिमी देशों में फिर से तनाव की स्थिति है. एक बार फिर से यूक्रेन की वजह से दोनों पक्ष आमने-सामने आ सकते हैं. दरअसल, पूरी यूरोप के जोनवास इलाके में रूस ने अपनी सेना की तैनाती बढ़ा दी है. माना जा रहा है कि यूक्रेन के क्रीमिया समेत अन्य विद्रोही इलाकों में रूस ने अपने समर्थकों के समर्थन में ये सेना भेजी है, जो जरूरत पड़ने पर यूक्रेन के अंदर घुसकर हमला कर सकती है.
रूस ने भेजी 80 हजार सैनिकों की फौज
रूस ने अपने हजारों टैंक और 80 हजार सैनिकों को क्रीमिया, डोनेट्स्क और लुहेन्स्क से लगते इलाकों में भेजा गया है. सेटेलाइट से मिली तस्वीरों के मुताबिक इन क्षेत्रों में रूस ने अपने टैंक, बख्तरबंद गाड़ियों की ऐसी फौज भेजी है, जो एक इशारा मिलने पर यूक्रेन को तबाह कर सकती है. हालांकि रूस से बचाव के लिए यूक्रेन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने बॉर्डर एरिया का किया दौरा
रूस की ओर से बढ़ते दबाव के बीच उक्रेन के राष्ट्रपति ने सीमाई क्षेत्रों का दौरा किया और सैनिकों के साथ समय बिताया. उन्होंने सीमा पर सैनिकों के लिए बनाए गए बंकर और लड़ाई जोन में खोदी गई खाईंयों को भी देखा. बता दें कि यूक्रेन ने भी अपने इस इलाके में सैनिकों की खूब तैनाती की है और उसे NATO से भी सहायता की उम्मीद है.
यूक्रेन के साथ खड़ा है नाटो गठबंधन
यूक्रेन NATO गठबंधन का हिस्सा है. NATO गठबंधन में अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड समेत दुनिया के 35 देश आते हैं. NATO ने भी यूक्रेन को सुरक्षा का आश्वासन दिया है. इसके लिए यूक्रेन के विदेश मंत्री ने NATO Headquarters में NATO के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टॉल्चटेनबर्ग से मुलाकात की. दोनों ने ब्रसेल्स में एक साझे प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित किया और नाटो गठबंधन ने कहा है कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे.
रूस ने 2014 में किया क्रीमिया पर कब्जा
NATO गठबंधन ने रूस पर दबाव डालने की कोशिशें भी की है. पिछले कुछ समय से अमेरिका और रूस में राजनयिक संवाद भी रुक चुका है. रूस अपने राजदूत को अमेरिका से वापस बुला चुका है, तो कई अन्य यूरोपीय देशों के राजदूतों को अपने देश से बाहर भी निकाल चुका है. बता दें कि साल 2014 में रूस समर्थक गुट ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था. जिसे अब बाकायदा रुस में मिलाए जाने की तैयारी चल रही है.
यूक्रेन की मदद न करें पश्चिमी देश
इस बीच रूस ने पश्चिमी देशों को धमकी दी है कि वो यूक्रेन की मदद न करें. इसके लिए रूस ने पूर्वी यूरोप में अपनी और यूक्रेन की सीमा से लगते देशों में निगरानी भी बढ़ा दी है.
यूक्रेन में प्रदर्शन
यूक्रेन रूस पर गंभीर आरोप लगाता रहै है कि रूस उसके देश में हस्तक्षेप कर रहा है और स्थानीय स्तर पर विद्रोह को बढ़ावा दे रहा है. बता दें कि यूक्रेन में भी सरकार के भ्रष्टाचार के विरोध में लोग खूब प्रदर्शन कर रहे हैं. ये तस्वीर यूक्रेन की राजधानी कीव की है. जिसमें सरकार विरोधी प्रदर्शन अक्सर उग्र स्वरूप धारण कर लेते हैं.
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