विश्व

सुरंग में गूंजती आवाज ने जगाई उम्मीद नेपाल में सफल रेस्क्यू

Ratna Netam
4 Sept 2026 2:31 PM IST
सुरंग में गूंजती आवाज ने जगाई उम्मीद नेपाल में सफल रेस्क्यू
x
नेपाल : आई भीषण आपदा के बीच एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे देश में उम्मीद की नई किरण जगा दी। जहां कई दिनों से सुरंगों में फंसे लोगों के जिंदा बचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी थीं, वहीं नौ दिन बाद अचानक टनल के अंदर से आई एक आवाज ने रेस्क्यू टीम को फिर से सक्रिय कर दिया। आखिरकार घंटों की मेहनत के बाद बचाव दल ने सुरंग के अंदर फंसे दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
यह घटना नेपाल के त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से जुड़ी है, जहां अचानक आई बाढ़ और मलबे के कारण कई लोग अंदर फंस गए थे। आपदा के बाद सुरंगों में पानी, कीचड़ और पत्थरों का ढेर जमा हो गया था। बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था और समय बीतने के साथ लोगों की उम्मीदें भी कमजोर पड़ने लगी थीं।
नौ दिन तक अंधेरे में जिंदगी की जंग
सुरंग के अंदर फंसे लोगों के लिए हर पल किसी परीक्षा से कम नहीं था। चारों तरफ अंधेरा, सीमित संसाधन और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। लेकिन जिंदगी की उम्मीद ने उन्हें हिम्मत बनाए रखने में मदद की।
रेस्क्यू टीम लगातार सुरंग के अंदर पहुंचने की कोशिश कर रही थी। मलबा हटाना बेहद मुश्किल था क्योंकि थोड़ी सी गलती भी अंदर फंसे लोगों के लिए खतरा बन सकती थी। विशेषज्ञों और बचाव दल ने बेहद सावधानी से अभियान जारी रखा।
अचानक आई आवाज ने बदल दी पूरी कहानी
जब बचाव दल लंबे समय से सुरंग के अंदर फंसे लोगों को तलाश रहा था, तभी उन्हें अंदर से आवाज सुनाई दी। यह आवाज किसी चमत्कार से कम नहीं थी। रेस्क्यू टीम को यकीन हुआ कि सुरंग के अंदर अभी भी लोग जीवित हैं।
इसके बाद अभियान को और तेज कर दिया गया। टीम ने मलबा हटाने का काम शुरू किया और सुरक्षित रास्ता बनाने की कोशिश की। कई घंटों की मेहनत के बाद दो मजदूरों को बाहर निकालने में सफलता मिली।
बाहर आते ही सुनाई आपबीती
सुरंग से बाहर निकले लोगों ने बताया कि उन्होंने बेहद कठिन हालात में खुद को जीवित रखा। कई घंटों तक उन्हें अंधेरे और डर के माहौल में रहना पड़ा। मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और बचने की उम्मीद बनाए रखी।
एक जीवित बचे व्यक्ति ने बताया कि सुरंग के अंदर मौजूद लोगों ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया और कठिन समय में धैर्य बनाए रखा।
रेस्क्यू टीम के लिए भी बड़ी चुनौती
नेपाल की इस आपदा में सुरंगों में फंसे लोगों को बचाना सबसे कठिन अभियानों में से एक माना जा रहा है। पानी, कीचड़ और मलबे के कारण बचाव दल को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुरंगों के अंदर तक पहुंचना और वहां से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना तकनीकी रूप से बेहद मुश्किल था। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद भी ली गई और कई स्तरों पर अभियान चलाया गया।
परिवारों की टूटी उम्मीदों को मिली नई जिंदगी
जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों के सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, उनके लिए यह खबर भावुक कर देने वाली रही। नौ दिन बाद अपने परिवार के सदस्यों को जीवित देखना किसी चमत्कार से कम नहीं था।
इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके लोग अब भी सुरंगों और प्रभावित इलाकों में लापता हैं। बचाव एजेंसियां अभी भी अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
नेपाल त्रासदी में जारी है राहत और बचाव अभियान
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में बाढ़, भूस्खलन और मलबे के कारण भारी नुकसान हुआ है। हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की कई सुरंगों में मजदूरों के फंसे होने की खबरों के बाद बचाव अभियान और तेज किया गया।
प्रशासन, सेना और अन्य बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
जिंदगी की उम्मीद कभी खत्म नहीं होती
नेपाल की सुरंग से नौ दिन बाद लोगों का जिंदा बाहर निकलना यह साबित करता है कि मुश्किल से मुश्किल हालात में भी उम्मीद बनाए रखना जरूरी है। जहां एक तरफ आपदा ने हजारों लोगों को प्रभावित किया, वहीं दूसरी तरफ इस रेस्क्यू ने दुनिया को मानव साहस और बचाव दलों की मेहनत की एक मिसाल दिखाई।
यह घटना उन सभी परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन गई है जो अभी भी अपने प्रियजनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। नेपाल की इस त्रासदी के बीच यह बचाव अभियान एक ऐसी कहानी बन गया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
Next Story