विश्व

Mecca में वर्चुअल सेमिनार, आर्टेमिस II मिशन में सऊदी योगदान पर चर्चा

Harrison
22 April 2026 7:46 PM IST
Mecca  में वर्चुअल सेमिनार, आर्टेमिस II मिशन में सऊदी योगदान पर चर्चा
x
Riyadh/Mecca रियाद/मक्का: मक्का की एजुकेशन अथॉरिटी ने मंगलवार को एक वर्चुअल सेमिनार आयोजित किया, जिसमें 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस सेमिनार का मुख्य विषय अंतरिक्ष अनुसंधान में सऊदी अरब की भूमिका और विशेष रूप से Artemis II मिशन में उसके योगदान पर केंद्रित रहा।
सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, “सऊदी अरब स्पेस की ओर… आर्टेमिस II मिशन में योगदान” शीर्षक वाले इस सत्र में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रहे नए विकासों और सऊदी अरब की भागीदारी को समझाना था।
सेमिनार में King Abdulaziz University के कॉलेज ऑफ एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस साइंसेज से जुड़े फैकल्टी मेंबर Dr. Ayed Suleiman Al-Rahili और Dr. Samira Al-Harbi शामिल हुए। दोनों विशेषज्ञों ने अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने मानव अंतरिक्ष उड़ान (ह्यूमन स्पेसफ्लाइट) के विकास पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास से लेकर आधुनिक समय तक की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। साथ ही हाल ही में हुए NASA के आर्टेमिस II मिशन का भी विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें चंद्रमा की परिक्रमा से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि आर्टेमिस II मिशन भविष्य के मानव मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के आसपास ले जाकर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है, जिससे आगे चलकर चंद्रमा पर स्थायी मिशनों की राह आसान हो सके।
डॉ. आयद सुलेमान अल-रहिली ने अपने संबोधन में सऊदी अरब की बढ़ती अंतरिक्ष गतिविधियों पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से “शम्स” सैटेलाइट परियोजना का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से देश अंतरिक्ष अनुसंधान और तकनीकी विकास में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अब केवल अंतरिक्ष अनुसंधान को देखने वाला देश नहीं है, बल्कि सक्रिय रूप से इसमें योगदान दे रहा है। सैटेलाइट प्रोजेक्ट्स, रिसर्च सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के जरिए देश इस क्षेत्र में अपनी भूमिका को लगातार बढ़ा रहा है।
डॉ. समीरा अल-हरबी ने भी अंतरिक्ष विज्ञान में शिक्षा और रिसर्च के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस तरह के सेमिनार छात्रों और शोधकर्ताओं को नई जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस वर्चुअल सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्रों, शोधकर्ताओं और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सवाल पूछने और विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने का भी मौका मिला।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह सेमिनार सऊदी अरब के अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते कदमों और अंतरराष्ट्रीय मिशनों में उसकी भागीदारी को उजागर करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
Next Story