विश्व
विक्रम मिसरी की अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कई मुद्दों पर चर्चा
Ratna Netam
27 Sept 2026 8:26 PM IST

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नई दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने रविवार को अमेरिकी कांग्रेस के एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन ब्रायन मास्ट कर रहे थे। बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और आपसी हितों से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन प्रतिनिधि ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में आए अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की।विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और भविष्य की दिशा को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया।
SRIA कानून पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' यानी SRIA कानून का मुद्दा भी चर्चा में शामिल रहा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में हाल ही में लागू हुए इस कानून और इसके संभावित प्रभावों पर भी चर्चा की गई।इसके अलावा दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार किया। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में लगातार बातचीत होती रही है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान
विदेश सचिव और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत में कई वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयास और समुद्री क्षेत्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता जैसे विषय शामिल रहे।विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी चिंता वाले अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
भारत-अमेरिका संबंधों पर जोर
भारत और अमेरिका के संबंध पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं। दोनों देश रक्षा, तकनीक, व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा और भारतीय अधिकारियों के साथ बैठकें दोनों देशों के बीच संवाद का हिस्सा हैं। इस तरह की बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की जाती है।
द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल की अहमियत
अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सदस्य शामिल होते हैं। द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य विभिन्न मुद्दों पर व्यापक दृष्टिकोण के साथ बातचीत करना होता है।ब्रायन मास्ट के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल ने भारत के अधिकारियों के साथ मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा
बैठक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी बातचीत हुई। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे कई देशों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।इसके साथ ही आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार रखे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देता रहा है।
समुद्री स्वतंत्रता का मुद्दा भी उठा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में नेविगेशन की स्वतंत्रता यानी समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र आवाजाही के मुद्दे पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को महत्वपूर्ण माना जाता है।
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