
Abu Dhabi आबू धाबी : विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की इंटरनेशनल कोऑपरेशन राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि इस बैठक में भारत और UAE के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर भी सहमति जताई।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी हितों से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में आपसी सहयोग को और मजबूत करना आवश्यक है।
इसके अलावा विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अबू धाबी में मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ खलदून अल मुबारक से भी मुलाकात की। इस बैठक में निवेश, तकनीक और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भारत-UAE साझेदारी को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की गई।
दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और निवेश के नए क्षेत्रों में मिलकर काम करने से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
भारत और UAE के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। ऊर्जा, व्यापार, निवेश और तकनीकी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ा है। हाल के दौर की उच्च स्तरीय बैठकों को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह संवाद दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही यह भी संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भारत और UAE के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में और विस्तार देखने को मिलेगा।
इस बैठक को क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सहयोग के दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है, जिसमें दोनों देशों ने साझा हितों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।





