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सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ी नेपाल बाढ़ को लेकर प्रशासन तैयार
Ratna Netam
29 Aug 2026 6:40 PM IST

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लखनऊ। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी चिंता बढ़ गई थी। नेपाल से निकलने वाली नदियों का पानी भारत की ओर आने के कारण यूपी के कई जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल राज्य में किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रदेश के जल शक्ति मंत्री **स्वतंत्र देव सिंह** ने कहा कि नेपाल की जल त्रासदी को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों को हर स्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
गंडक नदी को लेकर बढ़ी थी चिंता
नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ का असर भारत की नदियों पर पड़ता है। नेपाल से निकलने वाली कई नदियां आगे चलकर भारत में प्रवेश करती हैं। इनमें गंडक नदी प्रमुख है, जिसका असर उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में दिखाई देता है।
नेपाल में आई बाढ़ के बाद आशंका जताई गई थी कि गंडक नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए महाराजगंज, कुशीनगर समेत कई सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क किया गया था।
सरकार ने कहा खतरे की स्थिति नहीं
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि नेपाल से आने वाले पानी को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल यूपी में किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले से ही बाढ़ प्रबंधन को लेकर तैयारियां मजबूत की हैं। बांधों और बैराजों की निगरानी की जा रही है और संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वाल्मीकि बैराज पर रखी जा रही नजर
नेपाल से आने वाले पानी को लेकर सबसे ज्यादा नजर गंडक नदी और वाल्मीकि बैराज पर रखी जाती है। अधिकारियों का कहना है कि पानी के बहाव और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि अगर जलस्तर बढ़ता है तो तुरंत जरूरी कदम उठाए जाएंगे। राहत और बचाव टीमों को भी तैयार रखा गया है।
सीमावर्ती जिलों में प्रशासन अलर्ट
नेपाल बाढ़ के बाद यूपी के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नदी किनारे बसे गांवों में विशेष निगरानी की जा रही है।
महाराजगंज, कुशीनगर, बलरामपुर और आसपास के इलाकों में अधिकारियों को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कई जगहों पर बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है।
गृह मंत्रालय ने भी ली जानकारी
नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए केंद्र सरकार भी हालात पर नजर बनाए हुए है। गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली थी। साथ ही राहत और बचाव एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए थे।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी या तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से बचें। ग्रामीणों को किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल में अचानक आने वाली बाढ़ का असर सीमावर्ती भारतीय इलाकों तक पहुंच सकता है, इसलिए पहले से तैयारी और निगरानी बेहद जरूरी है।
नेपाल त्रासदी ने बढ़ाई चिंता
नेपाल में आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। इस आपदा के बाद भारत ने भी नेपाल की मदद के लिए राहत प्रयास शुरू किए हैं।
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