
नेपाल। सोशल मीडिया पर इन दिनों नेपाल की महिला, बाल और वरिष्ठ नागरिक मामलों की मंत्री सीता बादी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंत्री एक 17 दिन के बच्चे को स्तनपान कराती हुई दिखाई दे रही हैं। यह बच्चा कथित तौर पर एक शेल्टर होम से बचाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद लोग मंत्री के इस कदम को करुणा, संवेदनशीलता और मातृ प्रेम की अनोखी मिसाल बता रहे हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मंत्री सीता बादी एक नवजात बच्चे को गोद में लिए हुए हैं और उसकी देखभाल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि बच्चा बेहद कम उम्र का था और उसे विशेष देखभाल की जरूरत थी। ऐसी स्थिति में मंत्री द्वारा बच्चे के प्रति दिखाई गई संवेदनशीलता ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
माननीय मन्त्री सीता वादीले बाल संगठनबाट उद्धार गरिएको शिशुलाई स्तनपान गराएर मानवताको उच्चतम् उदाहरण प्रस्तुत गर्नुभएको छ। मन्त्रीज्यूप्रति उच्च सम्मान व्यक्त गर्दछु । #Minister Sita Badi pic.twitter.com/oByS3vLb6L
— PRAKASH KUNWAR (@Kunwarprakash20) July 23, 2026
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इस वीडियो को साझा कर रहे हैं और मंत्री की प्रशंसा कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे मानवता और जिम्मेदारी की भावना से जुड़ा कदम बताया है। लोगों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मंत्री ने जिस तरह एक असहाय बच्चे के प्रति अपनापन दिखाया, वह प्रेरणादायक है।
बताया जा रहा है कि यह बच्चा शेल्टर होम से बचाया गया था। नवजात होने के कारण उसे पोषण और देखभाल की आवश्यकता थी। इसी दौरान मंत्री सीता बादी ने बच्चे की जरूरत को समझते हुए उसकी मदद की। उनके इस कदम ने लोगों के बीच भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा कर दी है।
सीता बादी नेपाल सरकार में महिला, बाल और वरिष्ठ नागरिक मामलों की मंत्री हैं। वह सामाजिक मुद्दों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को लेकर सक्रिय रहती हैं। उनके इस वायरल वीडियो को भी लोग उनके मानवीय दृष्टिकोण से जोड़कर देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि सरकारी पद पर रहते हुए भी मंत्री ने संवेदनशीलता और इंसानियत को प्राथमिकता दी। कुछ लोगों ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक काम तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदना भी जरूरी है।
हालांकि, वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे मानवीय पहल बताते हुए सराहा है, जबकि कुछ लोगों ने सार्वजनिक रूप से इस तरह के वीडियो साझा करने को लेकर सवाल भी उठाए हैं। लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने इसे सकारात्मक संदेश के रूप में देखा है।
बच्चों की देखभाल और संरक्षण से जुड़े मामलों में शुरुआती दिनों में पोषण का विशेष महत्व होता है। नवजात बच्चों को पर्याप्त देखभाल नहीं मिलने पर उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। ऐसे में बच्चे की जरूरत को देखते हुए उठाया गया यह कदम चर्चा का विषय बन गया है।
मंत्री सीता बादी के इस कदम ने नेपाल में बाल संरक्षण और अनाथ बच्चों की देखभाल जैसे मुद्दों पर भी चर्चा शुरू कर दी है। कई लोगों का कहना है कि समाज में ऐसे बच्चों के लिए संवेदनशीलता और सहयोग की भावना बढ़ाने की जरूरत है।
शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों की देखभाल को लेकर सरकारें समय-समय पर योजनाएं चलाती हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को ऐसे बच्चों के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
वायरल वीडियो ने यह संदेश दिया है कि किसी भी बच्चे के लिए प्यार, देखभाल और सुरक्षा बेहद जरूरी है। मंत्री का यह व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय इसलिए भी बना क्योंकि उन्होंने एक सार्वजनिक पद पर रहते हुए व्यक्तिगत स्तर पर बच्चे की जरूरत को प्राथमिकता दी।
फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार साझा किया जा रहा है और लोग मंत्री सीता बादी की इस संवेदनशील पहल की सराहना कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि छोटे-छोटे मानवीय कदम भी लोगों के दिलों पर गहरा प्रभाव छोड़ सकते हैं।





