
वर्ल्ड | अमेरिका में टेस्ला फैक्ट्री में तोड़फोड़ करने वाले आरोपी को अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर वह फिर से सत्ता में आते हैं, तो ऐसे अपराधियों को अमेरिका की जेलों में नहीं, बल्कि अल साल्वाडोर की कुख्यात जेलों में भेजेंगे, जहां अपराधियों के लिए कोई नरमी नहीं होती।
क्या है पूरा मामला?
घटना कैलिफोर्निया स्थित टेस्ला के एक प्लांट की है, जहां एक व्यक्ति पर तोड़फोड़, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा उल्लंघन के आरोप लगे थे। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर टेस्ला की उत्पादन लाइन में बाधा डालने की कोशिश की थी, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ। अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है।
ट्रंप ने क्यों दी अल साल्वाडोर की जेल भेजने की धमकी?
डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को सही ठहराया, लेकिन उन्होंने अपराधियों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका में अपराध की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वह दोबारा राष्ट्रपति बने तो अमेरिका में अपराध करने वाले दोषियों को अल साल्वाडोर की हाई-सिक्योरिटी जेलों में भेजा जाएगा, जहां कैदियों के साथ बेहद सख्त बर्ताव किया जाता है।
अल साल्वाडोर की जेल क्यों कुख्यात है?
अल साल्वाडोर की जेलें दुनिया की सबसे सख्त जेलों में गिनी जाती हैं। वहां अपराधियों को बेहद कठोर परिस्थितियों में रखा जाता है। ये जेलें खासतौर पर खतरनाक गैंगस्टरों और संगठित अपराध में शामिल लोगों के लिए बनाई गई हैं।
ट्रंप का सख्त रुख
ट्रंप पहले भी अपराधियों के खिलाफ कठोर सजा की वकालत कर चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान भी अपराध नियंत्रण के लिए कई कड़े कानून बनाए गए थे। इस बार उन्होंने अपराधियों को अमेरिका से बाहर भेजने का सुझाव दिया है, जिससे यह साफ है कि वह अपराध पर सख्ती से लगाम लगाना चाहते हैं।





