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अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशियों को रखने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करेंगे वेंस

jantaserishta.com
27 Oct 2026 8:31 AM IST
अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशियों को रखने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करेंगे वेंस
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वाशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर उनकी जगह सस्ते या कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों को रखने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया है। उन्होंने वीजा धोखाधड़ी पर भी शिकंजा कसने की बात कही। वेंस ने सोमवार को कंसास के टोपेका में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते हुए वेंस ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों के हितों की रक्षा करना और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता देना है।
वेंस ने रैली में कहा, “हम वीजा धोखाधड़ी पर लगाम लगाएंगे और ऐसी किसी भी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो किसी अमेरिकी कर्मचारी को नौकरी से निकालकर उसकी जगह कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारी को रखती है।”
उन्होंने कहा, " संप्रभुता का अर्थ है कि अमेरिकी नौकरियां अमेरिकी नागरिकों को मिलें और देश के नागरिकों का अपने शासन तथा सड़कों पर नियंत्रण हो।" वेंस ने हालांकि किसी विशेष वीजा कार्यक्रम का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन की कुशल विदेशी कर्मचारियों से संबंधित वीजा नीतियों को अदालतों में चुनौती दी जा रही है। इस घटनाक्रम पर भारतीय पेशेवरों की विशेष नजर है, क्योंकि एच-1बी वीजा पाने वालों में भारतीय सबसे बड़ा समूह हैं।
एच-1बी वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। भारतीय आईटी पेशेवर लंबे समय से इस कार्यक्रम के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल रहे हैं। ट्रंप प्रशासन की ओर से नए एच-1बी वीजा आवेदनों पर एक लाख डॉलर का शुल्क लगाए जाने के फैसले को दो संघीय अदालतें रोक चुकी हैं। मैसाचुसेट्स की एक अदालत ने जून में और कैलिफोर्निया की एक अदालत ने 30 सितंबर को इस शुल्क पर रोक लगाई थी।
अमेरिकी सरकार ने कैलिफोर्निया की अदालत के फैसले के खिलाफ नौवें सर्किट कोर्ट में अपील की है। इस मामले में जिला अदालत में मंगलवार को केस प्रबंधन संबंधी सुनवाई निर्धारित थी। वेंस ने कहा, "उनका राजनीतिक आंदोलन हमेशा अमेरिकी संप्रभुता की रक्षा और अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता देने के विचार पर आधारित रहा है। सरकार को सबसे पहले अमेरिकियों के हितों के लिए काम करना चाहिए।"
विदेशी निवेश के मुद्दे पर भी वेंस ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, " उनकी सरकार वॉल स्ट्रीट और विदेशी निवेशकों को अमेरिकी घर खरीदने से रोकने के लिए कदम उठाएगी। अमेरिकी घर और कृषि भूमि पर अमेरिकी नागरिकों का अधिकार प्राथमिकता होनी चाहिए।"
कंसास में औद्योगिक निवेश और रोजगार को लेकर वेंस ने कहा, "अमेरिकी कृषि विभाग राज्य के दस मांस प्रसंस्करण केंद्रों के लिए लाखों डॉलर के नए अनुदान की घोषणा कर रहा है। अमेरिका में मांस प्रसंस्करण (मीट पैकिंग) के बड़े हिस्से पर चार कंपनियों का दबदबा है और इनमें से दो पूरी तरह विदेशी हितों के नियंत्रण में हैं।"
दवाओं की कीमतों पर वेंस ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवा कंपनियों को व्हाइट हाउस में बुलाकर अमेरिकियों के साथ उचित व्यवहार करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर कंपनियों को पूरी संघीय सरकार की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।"
वेंस ने कंसास में निवेश करने वाली कंपनियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बॉम्बार्डियर का उदाहरण देते हुए कहा, "कंपनी ने पिछले सप्ताह राज्य में अपनी विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार करने की घोषणा की थी।"
ऊर्जा नीति पर वेंस ने कहा," मध्य पूर्व के किसी विदेशी नेता के साथ तनाव बढ़ने पर अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें प्रभावित होती हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों ने अमेरिका को मध्य पूर्व के नेताओं पर पहले से अधिक निर्भर बना दिया है। उन्होंने टेक्सास में एक रिफाइनरी के बड़े विस्तार की घोषणा का भी उल्लेख किया।
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके भाषण में व्यवधान डाला। इस पर वेंस ने कहा," डेमोक्रेट्स के पास बहस को बाधित करने और बंद कराने के अलावा कोई मौका नहीं है।" वेंस कंसास में रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। मार्शल का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन से है। वेंस ने हैमिल्टन की आलोचना करते हुए उन्हें वामपंथी विचारधारा वाला नेता बताया और आरोप लगाया कि वह "सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर के साथ हर मुद्दे पर मतदान करेंगे।"
मार्शल ने सभा में आए लोगों से कहा, "कट्टरपंथी इस्लाम, अमेरिकी लोकतंत्र और आजादी के लिए सबसे बड़ा और तत्काल खतरा है। हम फ्रांस में साक्षात देख रहे हैं कि जब कमजोर उदारवादी लोग कट्टरपंथी इस्लाम के सामने घुटने टेक देते हैं, तो क्या होता है।"
रैली में अमेरिकी गृह मंत्री डग बर्गम और कंसास के अटॉर्नी जनरल क्रिस कोबाख ने भी संबोधित किया। कोबाख ने कहा कि उन्होंने कंसास के बच्चों के हितों से जुड़े मामले में मेटा के खिलाफ 13.4 करोड़ डॉलर की जीत हासिल की है। वेंस ने अंत में लोगों से 3 नवंबर को होने वाले चुनाव में मतदान के जरिए अपनी आवाज उठाने की अपील की।
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