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रूसी तेल को लेकर अमेरिका सख्त, 100% टैक्स प्रस्ताव से बढ़ी कूटनीतिक चुनौती

nidhi
29 July 2026 9:30 AM IST
रूसी तेल को लेकर अमेरिका सख्त, 100% टैक्स प्रस्ताव से बढ़ी कूटनीतिक चुनौती
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भारत और चीन की ऊर्जा नीति पर बढ़ सकता है दबाव

Washington: रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने भारत और चीन पर दबाव बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सीनेट में एक ऐसा बिल पारित किया गया है, जिसमें रूस से ऊर्जा आयात जारी रखने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैक्स लगाने का प्रावधान है।

इस कदम का सीधा असर भारत और चीन जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर पड़ सकता है, जो रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदते रहे हैं। हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए आगे की संसदीय प्रक्रिया और प्रशासनिक मंजूरी जरूरी होगी।
रूस के तेल कारोबार पर दबाव बनाने की कोशिश
अमेरिका लंबे समय से रूस के ऊर्जा राजस्व को सीमित करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिमी देशों का मानना है कि रूस से तेल खरीद उसकी अर्थव्यवस्था को समर्थन देता है, जबकि भारत और चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों और कीमतों को ध्यान में रखते हुए रूस से आयात करते हैं।
भारत पर क्या हो सकता है असर?
भारत दुनिया के बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है। रूस से सस्ता कच्चा तेल मिलने से भारतीय कंपनियों को फायदा मिला है। अगर अतिरिक्त टैक्स जैसी व्यवस्था लागू होती है, तो ऊर्जा लागत और व्यापार संबंधों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
चीन पर भी बढ़ेगा दबाव
चीन भी रूस से बड़े पैमाने पर ऊर्जा खरीद करता है। ऐसे में प्रस्तावित टैक्स का असर दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद बिल को आगे की विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है या नहीं और इसका दायरा कितना होगा।

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