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ईरान में शादी पर अमेरिकी हमला 4 की मौत तेहरान का पलटवार शुरू

nidhi
2 Sept 2026 6:29 AM IST
ईरान में शादी पर अमेरिकी हमला 4 की मौत तेहरान का पलटवार शुरू
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ईरान पर अमेरिका का बड़ा हमला
तेहरान/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के कई इलाकों में नए हवाई और मिसाइल हमले किए। इसी दौरान दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत में एक आवासीय मकान पर हमले के बाद शादी समारोह में मौजूद लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई। ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक इस घटना में एक बच्चे समेत कम से कम 4 लोगों की मौत हुई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों और घायलों की संख्या में अंतर भी सामने आया है।
ईरानी रेड क्रिसेंट का कहना है कि अमेरिकी मिसाइल हमले के दौरान निकले छर्रे सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में उस आवासीय मकान पर गिरे, जहां शादी का समारोह चल रहा था। हमले के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ईरानी अधिकारियों की ओर से जारी वीडियो में मलबा और क्षतिग्रस्त हिस्सा दिखाई देने का दावा किया गया है। शुरुआती जानकारी में दो लोगों की मौत बताई गई थी, लेकिन बाद में रेड क्रिसेंट ने मृतकों की संख्या चार होने की जानकारी दी। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का निशाना आम नागरिक नहीं बल्कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़े सैन्य ठिकाने थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री सैन्य क्षमताओं, संचार स्थलों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि ये हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कथित ईरानी कार्रवाइयों के जवाब में किए गए।
अमेरिकी हमलों के कुछ ही समय बाद ईरान की तरफ से जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू होने की खबर आई। ईरान से जुड़े मीडिया ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों और हितों को मिसाइलों और ड्रोन के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की बात सामने आई। जॉर्डन की सेना के मुताबिक उसके हवाई क्षेत्र में आई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया, जबकि तीन मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। ईरानी मीडिया ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बड़े ड्रोन हमले का भी दावा किया। वहीं कुवैत की सेना ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने शत्रुतापूर्ण ड्रोन हमले का मुकाबला किया। अमेरिका की शुरुआती जानकारी के मुताबिक जॉर्डन स्थित ठिकानों पर ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई थी। दूसरी तरफ ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि जवाबी कार्रवाई जारी रह सकती है।
ट्रंप की ईरान को बड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर तेहरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब दिया तो अगली कार्रवाई कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो सकती है। ट्रंप ने अमेरिकी हमलों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कथित रूप से समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की ईरानी कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने की तरफ मिसाइलें दागे जाने के जवाब से जोड़ा। इस चेतावनी के बावजूद तेहरान पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिकी कार्रवाई का मजबूती से जवाब दिया जाएगा। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के अधिकारियों ने भी अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
मौजूदा तनाव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे अहम केंद्र बन गया है। दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। युद्ध से पहले दुनिया की तेल आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा इस रास्ते से गुजरता था। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और इस समुद्री मार्ग पर तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार को तेल की कीमतों में 4 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई और भाव पांच सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गए। अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते में नई बारूदी सुरंगें लगाने की कोशिश कर रहा था। वहीं ईरान का कहना है कि अगर उसे फारस की खाड़ी से तेल निर्यात करने से रोका गया तो वह दूसरे देशों के तेल निर्यात को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी संघर्ष पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी चिंता बन गया है।
ताजा अमेरिकी हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने एक बार फिर व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ा दी है। जॉर्डन, बहरीन और कुवैत तक मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की खबरें आने के कारण संघर्ष का दायरा ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहने का खतरा है। अगर दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला तेज होता है तो खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने, ऊर्जा प्रतिष्ठान और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल और गैस की कीमतों तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के संकेत बेहद कमजोर हैं। अमेरिका जहां अपनी कार्रवाई को ईरानी सैन्य गतिविधियों के खिलाफ जवाब बता रहा है, वहीं तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी हमलों का जवाब देगा। शादी समारोह में नागरिकों की मौत की खबर ने इस संघर्ष के मानवीय पहलू को भी एक बार फिर सामने ला दिया है। आने वाले घंटे यह तय करने में बेहद अहम होंगे कि अमेरिका और ईरान का यह टकराव सीमित सैन्य कार्रवाई तक रहता है या मिडिल ईस्ट एक और बड़े युद्ध की तरफ बढ़ता है।
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