विश्व
अमेरिकी सीनेटरों ने चीन बर्थ टूरिज्म से जुड़े वीजा प्रोग्राम को खत्म करने की अपील की
jantaserishta.com
23 Jan 2026 9:23 AM IST

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वाशिंगटन: अमेरिका के तीन रिपब्लिकन सीनेटरों ने ट्रंप प्रशासन से मांग की है कि कुछ वीज़ा और पैरोल कार्यक्रमों को बंद किया जाए। उनका कहना है कि इन कार्यक्रमों का इस्तेमाल चीन के नागरिक अमेरिका के नागरिकता कानूनों का गलत फायदा उठाने के लिए कर रहे हैं। खास तौर पर बर्थ टूरिज्म और सरोगेसी के जरिए।
सीनेटर रिक स्कॉट, जिम बैंक्स और मार्कवेयन मुलिन ने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम और इंटीरियर सेक्रेटरी डग बर्गम को एक लेटर लिखा। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। सीनेटरों के अनुसार, इन नीतियों के कारण कम्युनिस्ट चीन के नागरिक अपने बच्चों के जरिए तेजी से अमेरिकी नागरिकता पाने का रास्ता बना रहे हैं।
सीनेटरों ने खास ध्यान गुआम और नॉर्दर्न मरिआना द्वीप समूह के बीच चलने वाले वीज़ा छूट कार्यक्रम पर दिया। उन्होंने कहा कि ये प्रोग्राम चीनी नागरिकों को बिना वीज़ा के एंट्री की इजाज़त देते हैं और साइपन में बर्थ टूरिज्म में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
सीनेटरों ने लिखा, "हम अपनी मातृभूमि को विदेशी खतरों से बचाने की आपकी प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त करने के लिए लिख रहे हैं।" उन्होंने कहा कि ओबामा और बाइडन सरकार के समय बनी नीतियों से विदेशी नागरिकों को तेजी से अमेरिकी नागरिकता का रास्ता मिल रहा है, जो अल्पकाल और दीर्घकाल दोनों रूपों में गंभीर सुरक्षा जोखिम है।
लेटर में वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक जांच का हवाला दिया गया है, जिसमें पाया गया कि चीनी नागरिक अपने बच्चों के लिए नागरिकता हासिल करने के लिए अमेरिकी सरोगेसी सिस्टम का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। सीनेटरों ने कहा कि ये तरीके अक्सर पारंपरिक इमिग्रेशन जांच के बाहर होते हैं।
आंकड़ों के अनुसार, सैपान में चीनी माताओं से जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या 2009 में सालाना 10 से भी कम थी, जो 2018 तक करीब 600 हो गई। अब तक 3,300 से अधिक ऐसे बच्चे जन्म ले चुके हैं। अमेरिकी कानून के तहत ये बच्चे 21 साल की उम्र के बाद अपने माता-पिता को ग्रीन कार्ड दिलवा सकते हैं। सीनेटरों ने चेतावनी दी कि इससे चेन माइग्रेशन हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की अपनी संतानें भी अमेरिकी नागरिक बन सकती हैं, भले ही वे कहीं भी पैदा हों।
सीनेटरों का यह भी कहना है कि इस स्थिति से स्थानीय संसाधनों पर भारी दबाव पड़ा है। सैपान के एकमात्र सरकारी अस्पताल पर अत्यधिक बोझ पड़ा है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सीनेटरों ने मांग की कि बाइडेन कार्यकाल के यात्रा कार्यक्रम को रद्द किया जाए और चीनी नागरिकों के लिए सामान्य पर्यटक वीज़ा अनिवार्य किया जाए। साथ ही हांगकांग को भी वीजा छूट कार्यक्रम से बाहर करने की मांग की गई है।
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