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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहुंचे रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी
Ratna Netam
21 Oct 2026 10:06 PM IST

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जामनगर। भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की विशाल तेल रिफाइनरी का दौरा किया। दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी के रूप में प्रसिद्ध इस परिसर का दौरा भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रुबियो के साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों देशों के बीच एलपीजी आपूर्ति, तेल शोधन, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे। अमेरिकी राजदूत ने दावा किया कि पिछले एक साल में भारत के एलपीजी आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से कम से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है।
रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी पहुंचे मार्को रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी भारत यात्रा के दौरान बुधवार को गुजरात के जामनगर पहुंचे। यहां उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के विशाल रिफाइनरी परिसर का निरीक्षण किया।रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार ने रुबियो का स्वागत किया। इस दौरे में जामनगर की रिफाइनरी के साथ रिलायंस की हरित ऊर्जा परियोजनाओं और वनतारा परिसर का भ्रमण भी शामिल था।जामनगर स्थित रिफाइनरी परिसर की पहचान विश्व के प्रमुख तेल शोधन केंद्रों में होती है। यहां बड़े पैमाने पर कच्चे तेल को विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जताई खुशी
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रुबियो के साथ जामनगर दौरे की जानकारी साझा की।उन्होंने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर सुविधाओं का अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ दौरा करना उनके लिए सम्मान की बात है।गोर ने अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते ऊर्जा व्यापार का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक साल के दौरान भारत के एलपीजी आयात में अमेरिकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।उनके अनुसार, यह हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से कम से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने दावा किया कि इस बदलाव के साथ अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बन गया है।हालांकि, यह आंकड़ा अमेरिकी राजदूत के बयान पर आधारित है और उन्होंने अपनी पोस्ट में इसकी विस्तृत गणना प्रस्तुत नहीं की।
अमेरिका में नई रिफाइनरी में निवेश करेगी रिलायंस
सर्जियो गोर ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के अमेरिका में प्रस्तावित तेल रिफाइनरी निवेश की भी चर्चा की।उन्होंने कहा कि अमेरिका में नई रिफाइनरी विकसित करने की योजना से वहां ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की संभावनाएं हैं।यह प्रस्तावित परियोजना अमेरिका के टेक्सास राज्य के ब्राउन्सविल क्षेत्र से जुड़ी है। इसमें रिलायंस की संभावित भागीदारी को दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।हालांकि, परियोजना से जुड़े निवेश और निर्माण की अंतिम व्यवस्थाएं अभी प्रस्तावित योजनाओं का हिस्सा हैं।
वेनेजुएला के कच्चे तेल पर भी अमेरिका की नजर
मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान वेनेजुएला से कच्चे तेल की आपूर्ति भी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय रही है।रुबियो ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिका रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ वेनेजुएला के कच्चे तेल की अधिक मात्रा में रिफाइनिंग करने की संभावनाओं पर बातचीत कर रहा है।उन्होंने भारत की तेल शोधन क्षमता की सराहना करते हुए उसे वैश्विक ऊर्जा बाजार में महत्वपूर्ण भागीदार बताया।रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी भारी किस्म के कच्चे तेल को संसाधित करने में सक्षम है। इसलिए वेनेजुएला से तेल की संभावित आपूर्ति बढ़ने की स्थिति में यह सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को मिलेगी मजबूती
अमेरिकी विदेश मंत्री की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है।दोनों देश ऊर्जा, रक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।रुबियो ने अपनी भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।अमेरिकी पक्ष ने भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार बढ़ाने की इच्छा जताई है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की भूमिका अहम
भारत दुनिया के प्रमुख तेल आयातक और पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक देशों में शामिल है। रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी देश की ऊर्जा जरूरतों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार की आपूर्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच भारत की रिफाइनिंग क्षमता का महत्व बढ़ा है।मार्को रुबियो का जामनगर दौरा इसी व्यापक ऊर्जा सहयोग का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच एलपीजी व्यापार, कच्चे तेल की आपूर्ति तथा रिफाइनरी निवेश से संबंधित बातचीत के ठोस परिणाम सामने आ सकते हैं।
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