
World वर्ल्ड: AUKUS समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया को अमेरिका से तीन वर्जीनिया क्लास की परमाणु पनडुब्बियाँ खरीदनी हैं, लेकिन अमेरिका के कड़े रक्षा निर्यात नियम अब भी बाधा बने हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया को 2025 तक अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्री को $2 बिलियन का भुगतान करना है, लेकिन तकनीकी हस्तांतरण में देरी हो रही है।
हालांकि पिछले साल अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 70% रक्षा निर्यात पर लाइसेंस छूट दी थी, लेकिन पनडुब्बी तकनीक अभी भी ‘एक्सक्लूडेड टेक्नोलॉजी’ सूची में शामिल है, जिससे इस पर छूट नहीं मिलती। इससे ऑस्ट्रेलियाई कंपनियाँ अमेरिकी नौसेना के प्रोजेक्ट्स में सीधे भाग नहीं ले पा रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका अब वैकल्पिक समाधान खोज रहे हैं ताकि तकनीकी सहयोग संभव हो सके। कुछ कंपनियाँ जैसे कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की Veem अभी भी सुरक्षा प्रक्रियाएँ पूरी करने में लगी हैं ताकि अमेरिकी साझेदारों के साथ सूचना साझा की जा सके।





