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तनाव कम करने की दिशा में कदम, अमेरिका ने ईरान पर हमले की योजना रद्द की
US: व्हाइट हाउस ने X पर अपने आधिकारिक हैंडल से 11 जून (IST) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान शेयर किया। इसमें कहा गया कि ईरानी नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बातचीत के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तय सैन्य हमलों और बमबारी को रद्द कर दिया है।
बयान के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बातचीत ईरानी नेतृत्व के उच्चतम स्तर तक हुई और उसे मंजूरी मिली, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय पक्षों के बीच एक समन्वित समझ बनी। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि अमेरिका और ईरान के अलावा, इज़राइल, सऊदी अरब, UAE, कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, मिस्र और अन्य देशों ने भी बातचीत में हिस्सा लिया, जिससे यह नतीजा निकला।
🚨 President Donald J. Trump on cancelled scheduled strikes against Iran. pic.twitter.com/iIijh6j5m2
— The White House (@WhiteHouse) June 11, 2026
बयान में यह भी कहा गया कि हालांकि तय सैन्य कार्रवाई रद्द कर दी गई है, लेकिन पोस्ट में बताए गए "लेन-देन" के पूरी तरह से अंतिम रूप लेने तक नौसैनिक नाकाबंदी लागू रहेगी। इसमें आगे कहा गया कि इस समझौते पर हस्ताक्षर करने का समय और स्थान जल्द ही घोषित किया जाएगा।
इससे पहले दिन में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ईरान के बारे में कड़े तेवर अपनाते हुए बयान जारी किए। उन्होंने सैन्य तैयारी बढ़ाने का संकेत दिया और ईरान के अहम रणनीतिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों की रूपरेखा बताई।
The United States will be hitting Iran (Whose Navy, Air Force, Radar, Anti Aircraft, and all other forms of Defense, together with most its offensive capability, are GONE!), VERY HARD TONIGHT. At some point in the not too distant future, we will be taking Kharg Island, and other… pic.twitter.com/RPeL3khVrr
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 11, 2026
पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका "ईरान पर बहुत ज़ोरदार हमला करेगा," और दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताएं पहले ही काफी कमज़ोर हो चुकी हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान की नौसेना, वायु सेना, रडार सिस्टम और वायु रक्षा नेटवर्क "खत्म" हो चुके हैं, साथ ही उसकी ज़्यादातर आक्रामक ताकत भी खत्म हो गई है।
उन्होंने आगे संकेत दिया कि भविष्य में अमेरिकी कार्रवाई पारंपरिक सैन्य लक्ष्यों से आगे बढ़कर ईरान के अहम ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक फैल सकती है, जिसमें उन्होंने खास तौर पर फारस की खाड़ी में तेल निर्यात के प्रमुख केंद्र 'खार्ग द्वीप' का नाम लिया। उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका "निकट भविष्य में किसी समय" खार्ग द्वीप और अन्य तेल व गैस सुविधाओं पर नियंत्रण कर सकता है।
इन बयानों में क्षेत्रीय ऊर्जा संसाधनों को लेकर व्यापक रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं का भी ज़िक्र किया गया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के तेल और गैस क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण कर सकता है। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी भागीदारी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह व्यवस्था दोनों पक्षों के लिए "बहुत बढ़िया काम कर रही है।"
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