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US-Iran Meeting In Islamabad: किन मुद्दों पर अड़ी हैं दोनों ताकतें? है दुनिया की नजर

jantaserishta.com
11 April 2026 5:49 PM IST
US-Iran Meeting In Islamabad:  किन मुद्दों पर अड़ी हैं दोनों ताकतें? है दुनिया की नजर
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> ईरान की शर्तों पर अमेरिका राजी नहीं: व्हाइट हाउस
> ईरान की सबसे बड़ी मांग यही रही है कि उसके जो एसेट्स फ्रीज हैं, उन्हें अनफ्रीज किया जाए. लेकिन व्हाइट हाउस की तरफ से साफ कर दिया गया है कि ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है.
इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच छह हफ्तों से जारी टकराव खत्म करने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे हैं, जहां शांति वार्ता होने वाली है. ईरानी प्रतिनिधियों में वहां की संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हैं. वहीं, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं.
हालांकि, दोनों के बीच सीजफायर को लेकर सीधी बातचीत पर अनिश्चितता बनी हुई है. इसी बीच मेजबान देश पाकिस्तान की भागीदारी के साथ त्रिपक्षीय बैठक की संभावना उभरकर सामने आई है, हालांकि यह कुछ शर्तों पर निर्भर है. अब सवाल है कि ये शर्तें क्या हैं? फिलहाल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात कर चुके हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी एक तरफ अमेरिकी प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर ईरानी प्रतिनिधियों के साथ अलग से संपर्क बनाए हुए हैं. अल जजीरा (Al Jazeera) की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान तभी अमेरिका और पाकिस्तान के साथ त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होगा, जब उसकी कुछ प्रमुख शर्तें पूरी होंगी. इन शर्तों में सबसे अहम है लेबनान में इजरायली हमलों का पूरी तरह रुकना और वहां स्थायी युद्धविराम लागू होना.
इसके अलावा, एक और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि कतर और अन्य विदेशी बैंकों में ईरान की फ्रीज संपत्तियों को रिलीज किया जाए. अल जजीरा ने इस्लामाबाद में अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि फिलहाल पाकिस्तान और अमेरिका व पाकिस्तान और ईरान के बीच अलग-अलग बातचीत हो रही है, इस स्तर पर कोई प्रत्यक्ष त्रिपक्षीय भागीदारी नहीं है. दोनों पक्षों की प्रमुख मांगों और शर्तों के पूरा होने पर वार्ता त्रिपक्षीय प्रारूप में आगे बढ़ सकती है.

पाकिस्तान की ओर से इस वार्ता में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी बतौर प्रतिनिधि शामिल हैं. पाकिस्तान के अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं और वह ईरान का पड़ोसी भी है, इसलिए वह दोनों देशों के बीच एक उपयुक्त मध्यस्थ की भूमिका में है. हालांकि, ईरान की शर्तें पूरी हुए बिना किसी ठोस बातचीत की शुरुआत मुश्किल मानी जा रही है.
ऐसे हुई जेडी वेंस की एंट्री पाकिस्तान में...

‘लेबनान में सीजफायर लागू हो’, फ्रांस-तुर्किये की संयुक्त अपील, मैक्रों का बयान

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि मैंने अभी तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से मुलाकात की. पहले हमने मध्य पूर्व की स्थिति पर बात की. हमने कहा कि लेबनान में सीजफायर हो जाना चाहिए और उसे सही से लागू किया जाए. होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह आजाद होनी चाहिए. साथ ही हमने एक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाला शांतिपूर्ण हल निकालने की जरूरत पर जोर दिया.
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई का बयान
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मुजतबा खामेनेई ने कहा है कि डॉ. सय्यद कमाल खाराजी की शहादत इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के लिए गर्व की बात है. वे विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में एक बेहतरीन विद्वान थे और विदेश नीति के अनुभवी नेता थे. उनकी शहादत ईरान के लिए सम्मान का प्रतीक है.
ईरान ने अमेरिका पर लगाए धोखे के आरोप
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका-ईरान वार्ता शुरू होने से पहले ही साफ कर दिया है कि भरोसे की कमी इस बातचीत पर भारी पड़ सकती है.
सऊदी में पाकिस्तानी फोर्स और फाइटर जेट्स की तैनाती
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान की सेना का एक हिस्सा उनके यहां पहुंच गया है. इसमें पाकिस्तानी फाइटर जेट्स भी शामिल हैं. यह सब दोनों देशों के बीच हुए डिफेंस समझौते के तहत हुआ है. पाकिस्तानी सैनिकों की यह टुकड़ी सऊदी अरब के किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर पहुंची है.
ख़ास बात है कि पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग में अब सीजफायर हो चुका है. जंग के दौरान सऊदी पर भी ईरान ने हमला किया था. इस दौरान काफी नुक़सान भी हुआ.
मुजतबा खामेनेई की सेहत पर सस्पेंस
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मुजतबा उस हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी. खबर के मुताबिक, हमले में मुजतबा का चेहरा बुरी तरह झुलस गया था और उनके पैरों में भी चोटें आई थीं. 56 वर्षीय मुजतबा फिलहाल किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आ रहे हैं और अधिकारियों के साथ ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें कर रहे हैं. हालांकि, दावा यह भी है कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं और अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता समेत तमाम बड़े फैसलों में शामिल हैं.
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