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Chicago शिकागो। अमेरिका के शिकागो शहर में मंगलवार को फेडरल एजेंटों और स्थानीय निवासियों के बीच हुई झड़प ने हालात को तनावपूर्ण बना दिया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब इमिग्रेशन प्रवर्तन एजेंसी (ICE) के अधिकारियों ने शहर के साउथ साइड इलाके में एक कार का पीछा किया, जो आर्थिक रूप से कमजोर और ज्यादातर लैटिनो आबादी वाला क्षेत्र है। पीछा करते हुए एजेंटों की गाड़ी उस कार से टकरा गई जिसे वे फॉलो कर रहे थे, और फिर वह कार एक पार्क की गई दूसरी गाड़ी से जा टकराई। इस दुर्घटना की पुष्टि शिकागो पुलिस विभाग ने की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में सैकड़ों फेडरल एजेंट मास्क और सुरक्षा गियर में मौके पर पहुंचे, जिससे निवासियों में आक्रोश फैल गया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने “ICE, Go Home!” और “Stop Raids!” जैसे नारे लगाए। हालात धीरे-धीरे हिंसक रूप लेने लगे, जिसके बाद एजेंटों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए टीयर गैस का इस्तेमाल किया।
गवाहों का कहना है कि टीयर गैस बिना किसी पूर्व चेतावनी के छोड़ी गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोग खांसते, आंखें मलते और अपने बच्चों को लेकर भागते नजर आए। कई लोग आसपास के घरों और दुकानों में शरण लेने लगे। इस दौरान 12 से अधिक शिकागो पुलिस अधिकारी भी गैस के प्रभाव से घायल हुए। एक अधिकारी को स्थानीय निवासियों के घर के बगीचे में पाइप से आंखें धोते देखा गया। राज्य के गवर्नर जे. बी. प्रिट्जकर ने घटना की निंदा करते हुए ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक फायदे के लिए संघीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप हमारे सुरक्षाबलों और एजेंटों को राजनीतिक मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अमेरिका के शहरों को सैन्यीकृत करने का अवैध प्रयास है।”
प्रिट्जकर ने यह भी कहा कि शिकागो वर्तमान में बीते छह दशकों में सबसे कम हत्या दर दर्ज कर रहा है और रोजगार के नए रिकॉर्ड बना रहा है। ऐसे में संघीय बलों द्वारा हिंसक कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है। स्थानीय निवासियों और मानवाधिकार संगठनों ने भी घटना की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई प्रवासी समुदाय को डराने की एक सोची-समझी रणनीति है। वहीं, संघीय एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि एजेंट कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रहे थे और उन्होंने भीड़ से हिंसा का सामना किया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह घटना ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों के तहत हुई एक और बड़ी झड़प के रूप में देखी जा रही है, जिसने शिकागो समेत पूरे देश में बहस छेड़ दी है।
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