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ईरान में US हमले का कहर, मौतों का आंकड़ा बढ़ा

Saba Naaz
9 July 2026 2:35 PM IST
ईरान में US हमले का कहर, मौतों का आंकड़ा बढ़ा
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तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका की ओर से किए गए हालिया हवाई हमलों में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केर्मनपुर ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की। यह पहली बार है जब ईरानी सरकार ने इन हमलों के बाद आधिकारिक रूप से हताहतों का आंकड़ा जारी किया है।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामक बताते हुए इसकी निंदा की है।

अमेरिका ने जारी किया हमले का वीडियो

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान में किए गए हमलों का वीडियो जारी किया है। जारी फुटेज में हवाई अड्डों के रनवे और मिसाइल लॉन्च सिस्टम को निशाना बनाए जाने के दृश्य दिखाए गए हैं। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने ईरान में करीब 90 ठिकानों पर कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की उस क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका ने कहा कि उसके सैन्य बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना सतर्क है और कमांडर इन चीफ के निर्देशों के अनुसार अभियान चलाने में सक्षम है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने ओमान के तट के पास कई वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया था, जिसके बाद यह सैन्य कार्रवाई की गई।

ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकानों पर हमले

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी कार्रवाई की। ईरान ने बहरीन, कुवैत और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। बहरीन में कम से कम दो बार आपातकालीन सायरन बजाए गए। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है, जो खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। हालांकि, इन हमलों में किसी बड़े नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। कुवैत की सेना ने भी कहा कि वह किसी भी ड्रोन या मिसाइल खतरे से निपटने के लिए सक्रिय है। कुवैत के अधिकारियों के अनुसार, संभावित हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ रहा है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। अमेरिका का कहना है कि वह इस समुद्री मार्ग में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए कदम उठा रहा है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा।

मौजूदा हालात को देखते हुए खाड़ी देशों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि लंबे समय तक जारी रहने वाला सैन्य टकराव वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय शांति पर बड़ा असर डाल सकता है।

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