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भारतीय आईटी कंपनियों पर अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, इन्फोसिस, टीसीएस और विप्रो समेत 8 कंपनियां निलंबित

Shantanu Roy
9 Oct 2026 11:47 AM IST
भारतीय आईटी कंपनियों पर अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, इन्फोसिस, टीसीएस और विप्रो समेत 8 कंपनियां निलंबित
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अमेरिका के श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने कहा, "मैं दुनिया की कुछ सबसे बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों- कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर रहा हूँ."

वॉशिंगटन। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े कथित दुरुपयोग और धोखाधड़ी का हवाला देते हुए दुनिया की आठ बड़ी तकनीकी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है। अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी सहित कई प्रमुख आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित करने की बात कही है। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी को भी इस कार्यक्रम से निलंबित करने की घोषणा की गई है।

अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कुछ कंपनियों ने विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए। हालांकि, ये प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इन्हें संबंधित कंपनियों के खिलाफ अंतिम रूप से सिद्ध धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता।

आठ बड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा

अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने कहा कि उनका विभाग दुनिया की कुछ सबसे बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से निलंबित कर रहा है। इस घोषणा में कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी का नाम शामिल है। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने दशकों से ऐसी व्यवस्था को संभव बनाया, जिसका कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।

सॉन्डरलिंग के अनुसार, कई सक्रिय संघीय जांचों के चलते माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी को भी इसी कार्यक्रम से निलंबित किया जा रहा है। इस तरह कुल आठ प्रमुख तकनीकी कंपनियों के नाम कार्रवाई की घोषणा में सामने आए हैं।

अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियों को लेकर आरोप

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका में उपलब्ध रोजगार के अवसरों पर सबसे पहला अधिकार अमेरिकी कर्मचारियों का होना चाहिए। प्रशासन ने आरोप लगाया कि विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की प्रक्रिया के कारण अमेरिकी नागरिकों के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए। श्रम मंत्री ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी कर्मचारी दुनिया के सबसे योग्य और प्रतिभाशाली कर्मचारियों में शामिल हैं। उनका दावा था कि जिन नौकरियों से अमेरिकी कर्मचारियों को वंचित किया गया, वे पहले उन्हें ही मिलनी चाहिए थीं।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए कदम उठा रही है।

'सांप का सिर काट रहे हैं' बयान पर चर्चा

कार्रवाई की घोषणा के दौरान अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने एक अंग्रेजी मुहावरे का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, "We are cutting off the head of the snake."

इस अंग्रेजी अभिव्यक्ति का सामान्य अर्थ किसी समस्या की जड़ पर प्रहार करना होता है। मंत्री ने इस वाक्य का इस्तेमाल रोजगार संबंधी कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई को समझाने के लिए किया। हालांकि, भारत में इस बयान की भाषा को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे शब्दशः समझते हुए आपत्तिजनक माना है। इस संदर्भ में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि अंग्रेजी में इस मुहावरे का अर्थ किसी समस्या के मूल कारण को समाप्त करने की कार्रवाई से जुड़ा होता है।

क्या है पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम?

अमेरिका का पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, जिसे आम तौर पर PERM कहा जाता है, रोजगार आधारित स्थायी निवास की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस व्यवस्था के तहत अमेरिकी नियोक्ताओं को कुछ श्रेणियों में विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी रोजगार आधारित आव्रजन प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले श्रम विभाग से प्रमाणन प्राप्त करना होता है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित पद के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार योग्य और उपलब्ध अमेरिकी कर्मचारियों के अवसर प्रभावित न हों। इसके साथ ही विदेशी कर्मचारी की नियुक्ति से समान कार्य करने वाले अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और कार्य परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

यह कार्यक्रम एच-1बी वीजा व्यवस्था से अलग है। इसलिए PERM कार्यक्रम से निलंबन को किसी कंपनी के सभी अमेरिकी परिचालनों या सभी विदेशी कर्मचारियों के वीजा पर प्रतिबंध के समान नहीं समझना चाहिए।

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