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न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत में आने का दिया न्योता, कहा- दोनों देशों के छात्रों को होगा लाभ

Renuka Sahu
7 April 2022 2:30 AM GMT
न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत में आने का दिया न्योता, कहा- दोनों देशों के छात्रों को होगा लाभ
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फाइल फोटो 

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ऑस्ट्रेलिया (Australia) के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी (University of New South Wales) को भारत में अपना प्रसार करने का आमंत्रण दिया. पीयूष गोयल ने सिडनी (Sydney) में कहा, 'मैं न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी को भारत तक विस्तार करने और दोनों देशों के छात्रों को लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए आमंत्रित करता हूं.' केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मेरा मानना है कि इस तरह की साझेदारी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच अपने रणनीतिक जुड़ाव को बढ़ा रहे हैं.'

मंत्री ने कहा, 'शिक्षा दोनों देशों के बीच एक सेतु का काम करेगी, यह हमेशा से हमारी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण तत्व रहा है.' उन्होंने कहा, 'बहुत सारे अच्छे काम जो शोधकर्ता करते हैं, उन्हें उस तरह के बड़े पैमाने और ऑपरेशन पर होने का अवसर नहीं मिलता है. ऐसे में दोनों देशों के बीच साझेदारी वास्तव में ऑस्ट्रेलिया और भारत के जीवन को बदल सकती है.' वहीं, ऑस्ट्रेलियाई व्यापार, पर्यटन और निवेश मंत्री डैन तेहान ने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों को शिक्षित करें और इसका उपयोग दो देशों के बीच शिक्षा संबंधों को विकसित करने के लिए एक आधार के रूप में भी करें. मैं ऑस्ट्रेलियाई छात्रों को पढ़ाई के लिए भारत आते देखना चाहता हूं.
भारतीय-आस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी के बीच दोहरी डिग्री कार्यक्रम हो: केंद्रीय मंत्री गोयल
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते के तहत दोहरी डिग्री कार्यक्रम से अधिक से अधिक भारतीयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने और दोनों देशों के यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इसे लेकर काम कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि शैक्षणिक योग्यताओं को परस्पर मान्यता दी जाएगी और साथ ही साथ हम यह संभावना भी देख रहे हैं कि डिग्रियां संयुक्त रूप से दी जाएं, मान लीजिए भारत में आईआईटी और ऑस्ट्रेलिया में एक यूनिवर्सिटी द्वारा या भारत में एक मेडिकल कॉलेज और ऑस्ट्रेलिया में एक मेडिकल कॉलेज द्वारा.
मंत्री ने कहा कि इस कदम से छात्रों की पहुंच बढ़ेगी, अनुभव मिलेगा, नया कौशल आएगा, नया ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलेगी और यह दोनों देशों के छात्रों के लिए अच्छा होगा. उन्होंने कहा, दोहरी डिग्री के साथ लाभ यह है कि हम अधिक से अधिक भारतीयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेंगे, जिससे लागत काफी कम, लगभग आधी हो जाती है. उन्होंने कहा कि इस कदम से एक-दूसरे की डिग्री और पाठ्यक्रम सामग्री को समझने में मदद मिलेगी. देशों के बीच दोहरे डिग्री कार्यक्रम के तहत, छात्रों को ऑस्ट्रेलिया में दो साल और भारत में दो साल के लिए अध्ययन करने की अनुमति दी जाएगी. ऐसा कुछ मानदंडों के अधीन होगा जिन पर चर्चा हो रही है.
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