विश्व

संयुक्त राष्ट्र का चार्टर वैकल्पिक नहीं, इसे अ-ला-कार्टे मेनू न समझें सदस्य : एंटोनियो गुटेरेस

jantaserishta.com
27 Jun 2025 9:07 AM IST
संयुक्त राष्ट्र का चार्टर वैकल्पिक नहीं, इसे अ-ला-कार्टे मेनू न समझें सदस्य : एंटोनियो गुटेरेस
x
संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के 'सेलेक्टिव एप्लिकेशन' की आलोचना की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर कोई अ-ला-कार्टे मेनू नहीं है। उन्होंने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में चार्टर की 80वीं वर्षगांठ समारोह में कहा, "आज हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों पर पहले से कहीं ज्यादा हमले देख रहे हैं। संप्रभु देशों के खिलाफ बल का उपयोग या धमकी, अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय कानून और मानवाधिकार कानून का उल्लंघन, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना, भोजन और पानी का हथियारीकरण, और मानवाधिकारों का हनन शामिल हैं।"
उन्होंने कहा, "हम बार-बार एक परिचित पैटर्न देखते हैं: जब चार्टर सुविधाजनक लगता है तो उसका पालन करो, जब नहीं तो अनदेखा करो। संयुक्त राष्ट्र का चार्टर वैकल्पिक नहीं है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आधारशिला है। इसके मूल सिद्धांतों के उल्लंघन को सामान्य नहीं किया जा सकता।"
गुटेरेस ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र चार्टर उम्मीदों से जुड़ा है और बेहतर विश्व के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आधार है। इसने हमें भाग्य बदलने, जीवन बचाने और दुनिया के सबसे निराशाजनक कोनों में आशा देने के उपकरण दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना और तीसरे विश्व युद्ध की रोकथाम के बीच सीधा संबंध है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि उन्होंने जोर देकर कहा कि चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखना एक निरंतर मिशन है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और पुन: प्रतिबद्धता जरूरी है। गुटेरेस ने कहा, "इस वर्षगांठ पर मैं सभी सदस्य देशों से आग्रह करता हूं कि वे चार्टर की भावना और अधिकार पत्र का पालन करें। शांति, न्याय, प्रगति और हम लोगों के लिए को लेकर जिस भविष्य की परिकल्पना है उसे जिम्मेदारी से निभाएं।" संयुक्त राष्ट्र चार्टर विश्व संगठन की आधारशिला है, जिसे 25 जून 1945 को सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन में अपनाया गया और अगले दिन प्रतिनिधियों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story