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रूस पर फिर हमले करेगा यूक्रेन जेलेंस्की ने खत्म किया ऊर्जा युद्धविराम

Ratna Netam
15 Oct 2026 4:33 PM IST
रूस पर फिर हमले करेगा यूक्रेन जेलेंस्की ने खत्म किया ऊर्जा युद्धविराम
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कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले दोबारा शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर लगाई गई अस्थायी रोक अब समाप्त हो चुकी है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि अमेरिका की पहल पर घोषित ऊर्जा युद्धविराम का रूस ने पालन नहीं किया और यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले जारी रखे।फाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में जेलेंस्की ने कहा कि रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने का फैसला अब प्रभावी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी सैन्य रणनीति के तहत इन प्रतिष्ठानों को फिर निशाना बनाएगा।
अब हम फिर हमले करेंगे', जेलेंस्की का ऐलान
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने अमेरिका के अनुरोध पर रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले अस्थायी रूप से रोके थे।उन्होंने बताया कि यूक्रेन ने तीन दिनों तक रूसी ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया, लेकिन इस दौरान रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहे।जेलेंस्की ने कहा, "रिफाइनरियों पर हमले रोकने की पाबंदी अब खत्म हो गई है।"उनका कहना है कि जब रूस ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले जारी रख रहा है, तब यूक्रेन से एकतरफा संयम की उम्मीद नहीं की जा सकती।
रूस पर ऊर्जा युद्धविराम तोड़ने का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने संबंधी युद्धविराम की घोषणा की थी।इसके तहत दोनों पक्षों से एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाने की अपेक्षा की गई थी।हालांकि, यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने इस व्यवस्था का पालन नहीं किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूसी हमलों में बिजली आपूर्ति से जुड़े ठिकानों, गैस प्रतिष्ठानों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचा।दूसरी ओर, रूस ने अल्पकालिक ऊर्जा युद्धविराम की धारणा पर सवाल उठाते हुए दीर्घकालिक शांति समझौते की आवश्यकता बताई थी।
अमेरिका पर खुफिया जानकारी रोकने का आरोप
जेलेंस्की ने रूस के साथ-साथ अमेरिका की नीतियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने दावा किया कि रूसी हमलों के बीच वाशिंगटन ने यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था को प्रभावित किया है।उनके अनुसार, समय पर खुफिया जानकारी नहीं मिलने से रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना अधिक कठिन हो सकता है।यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि सैन्य संघर्ष के दौरान खुफिया सहयोग और समय पर चेतावनी मिलना देश की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।अमेरिकी सहायता में कथित कटौती को लेकर यूक्रेनी अधिकारियों ने भी चिंता जताई है। हालांकि, इन सभी प्रतिबंधों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य होने के यूक्रेनी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्टारलिंक सेवा में बाधा से बढ़ी परेशानी
यूक्रेन ने स्टारलिंक सैटेलाइट संचार सेवा की गति सीमित होने और कुछ सैन्य संचार सुविधाओं में व्यवधान आने का मुद्दा भी उठाया है।स्टारलिंक यूक्रेन के सैन्य संचार और ड्रोन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी सेवाओं में बाधा से विभिन्न सैन्य अभियानों का समन्वय प्रभावित हो सकता है।रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन अभियानों में इस्तेमाल होने वाली संचार सेवाओं पर अचानक गति संबंधी प्रतिबंध लगाए गए। इससे यूक्रेनी अधिकारियों में चिंता बढ़ी है।स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने स्पष्ट किया है कि सैन्य उपयोग से संबंधित स्टारशील्ड प्रणाली पर निर्णय अमेरिकी सरकार के नियंत्रण में हैं।
रूस की तेल रिफाइनरियां फिर निशाने पर
यूक्रेन लंबे समय से रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानता रहा है। इन प्रतिष्ठानों पर हमलों के जरिए रूस की ईंधन आपूर्ति और युद्ध से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता रहा है।15 अक्टूबर को यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के रियाजान क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया। यह हमला जेलेंस्की की ओर से हमले दोबारा शुरू करने की घोषणा के बीच हुआ।
रूस-अमेरिका संबंधों पर भी उठाए सवाल
जेलेंस्की ने अमेरिका और रूस के बीच ऊर्जा व्यापार संबंधी बातचीत की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मॉस्को के साथ कारोबारी संबंध बढ़ाना यूक्रेन के लिए चिंताजनक है, जब रूसी सेना लगातार हमले कर रही है।उन्होंने यूरोपीय देशों से अधिक एकजुटता दिखाने और यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की अपील की।यूक्रेनी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि अमेरिकी सहयोग के बिना रूस के खिलाफ युद्ध जारी रखना कठिन होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले फिर शुरू करने की घोषणा के बाद ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और संघर्ष को नियंत्रित करने के कूटनीतिक प्रयासों पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
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