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यूक्रेन युद्ध: राष्ट्रपति पुतिन लेने जा रहे ये बड़ा फैसला?

jantaserishta.com
8 Sep 2022 9:03 AM GMT
यूक्रेन युद्ध: राष्ट्रपति पुतिन लेने जा रहे ये बड़ा फैसला?
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न्यूज़ क्रेडिट: आजतक

नई दिल्ली: रूस ने इस साल फरवरी महीने में यूक्रेन पर हमला कर दिया था. इसके बाद से रूस ने लगातार यूक्रेन के कई बड़े हिस्सों पर कब्जा जमा लिया है. अब रूस की सत्तारूढ़ पार्टी ने इन कब्जे वाले इलाकों में चार नवंबर को जनमत संग्रह (Referendum) कराने का प्रस्ताव रखा है. इस जनमत संग्रह का उद्देश्य यूक्रेन में रूस की सेना के कब्जे वाले क्षेत्रों पर अधिकार जमा लेना है. यह जनमत संग्रह 4 नवंबर को होगा क्योंकि रूस हर साल 4 नवंबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाता है.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी (United Russia Party) की वेबसाइट पर जारी पार्टी के महासचिव आंद्रे तुर्चक के बयान में कहा गया है कि 4 नवंबर को रूस के राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर यह वोटिंग कराना सही और सांकेतिक होगा.
उन्होंने कहा कि चार नवंबर को होने जा रहा यह जनमत संग्रह रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के दोनेत्सक (Donetsk) और लुगांस्क (Lugansk) सहित कई अन्य क्षेत्रों में होगा और इस तरह रूस अपनी अखंडता फिर से हासिल करेगा.
इस ऐलान के बाद खेरसोन क्षेत्र के रूसी समर्थक अधिकारी किरिल स्ट्रेमोउसोव ने रूस की आधिकारिक न्यूज एजेंसा तास को बताया कि हम किसी भी निश्चित तारीख पर जनमत संग्रह कराने के लिए तैयार हैं. यहां तक कि हम अभी भी जनमत संग्रह के लिए तैयार हैं.
बता दें कि रूस की सेना ने खेरसोन सहित यूक्रेन के कई दक्षिणी इलाकों पर कब्जा कर लिया है. यूक्रेन के इन क्षेत्रों में रूस की सरकार पिछले कई हफ्तों से जनमत संग्रह कराने पर चर्चा कर रही है. इससे पहले साल 2014 में रूस ने क्रीमिया को यूक्रेन से अलग कर दिया था.
बता दें कि 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले ही इन दोनों क्षेत्रों को रूस ने स्वतंत्र घोषित कर दिया था. पुतिन सरकार इन क्षेत्रों के स्थानीय लोगों को रूसी पासपोर्ट जारी कर इनके साथ संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है.
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