
World वर्ल्ड: यूक्रेन और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित खनिज समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की संभावना है। यूक्रेनी प्रधानमंत्री डेनिस श्मिहाल ने बताया कि प्रथम उपप्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए अमेरिका रवाना हो चुकी हैं। हालांकि, एक सूत्र के अनुसार अंतिम क्षणों में दो अतिरिक्त दस्तावेजों पर असहमति के कारण प्रक्रिया थोड़ी अटक गई है।
इस समझौते को अमेरिका और यूक्रेन के बीच सहयोग बढ़ाने तथा ट्रंप प्रशासन के साथ यूक्रेन के संबंधों को फिर से सुदृढ़ करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। समझौते के मसौदे के अनुसार, अमेरिका को यूक्रेन की नई खनिज परियोजनाओं में वरीयता तो दी जाएगी, लेकिन देश के खनिज संसाधनों या गैस ढांचे पर कोई सीधा अधिकार नहीं होगा।
इसके तहत एक संयुक्त पुनर्निर्माण कोष की स्थापना की जाएगी, जिसे यूक्रेन को नई खनिज परियोजनाओं से मिलने वाले लाभ और रॉयल्टी का 50% हिस्सा मिलेगा। अमेरिका इस कोष में अपने भविष्य के सैन्य सहयोग को योगदान के रूप में जोड़ सकता है।
प्रधानमंत्री श्मिहाल ने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपने सभी प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखेगा और यह साझेदारी 10 वर्षों तक चलेगी।





