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वाशिंगटन: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन के साथ महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को तीन दिनों के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया था। इस दौरान, रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को लेकर यूक्रेन की सेना को अमेरिकी चेतावनी नहीं मिल सकी।
NBC के 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम में एक इंटरव्यू के दौरान, ज़ेलेंस्की ने यह भी बताया कि यूक्रेनी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सैटेलाइट संचार पर लगी पाबंदियां पूरी तरह से नहीं हटाई गई हैं। इससे कीव को मिल रहे अमेरिकी सैन्य और खुफिया समर्थन पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
यूक्रेनी नेता ने कहा कि खुफिया जानकारी रुकने से ऐसी सूचनाओं पर असर पड़ा, जो केवल अमेरिका ही दे सकता है—खासकर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बारे में पहले से मिलने वाली चेतावनी।
ज़ेलेंस्की ने कहा, "हमें रूस द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की कोई पूर्व सूचना नहीं मिली।"
उन्होंने बताया कि यूक्रेन को यूरोपीय सरकारों और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से खुफिया जानकारी मिलती रही, लेकिन उनकी क्षमताएं अमेरिकी प्रणालियों की पूरी तरह से जगह नहीं ले सकतीं।
उन्होंने कहा, "हमारे पास कई देश हैं जो मदद करते हैं। लेकिन केवल अमेरिका के पास ही ऐसी खास खुफिया जानकारी है, जो हमें बता सकती है कि रूस कब बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करने जा रहा है।"
"और तीन दिनों तक चले इन बैलिस्टिक हमलों के दौरान हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली।"
ज़ेलेंस्की ने बताया कि खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था अब फिर से बहाल कर दी गई है।
उन्होंने कहा, "इसे कुछ समय के लिए रोक दिया गया था, लेकिन बाद में अमेरिकी पक्ष ने इसे फिर से शुरू कर दिया। हम इसके लिए बहुत आभारी हैं। अब यह काम कर रहा है।"
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब रूस के साथ चल रहे युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये को लेकर वाशिंगटन और कीव के बीच तनाव बढ़ रहा है।
ज़ेलेंस्की ने 'स्टारलिंक' (एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा संचालित सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क) और उससे जुड़ी सैन्य सेवाओं पर लगी पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई।
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह रुकावट जानबूझकर की गई थी, तो ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि ये पाबंदियां अमेरिकी सरकार की ओर से लगाई गई थीं।
उन्होंने कहा, "जाहिर है, यह संदेश सरकार की तरफ से आया था। मुझे नहीं पता कि यह किस अधिकारी या किस विभाग की तरफ से आया था।"
उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेनी अधिकारियों का मानना है कि स्पेसएक्स ने वाशिंगटन के निर्देशों का पालन करते हुए तकनीकी रूप से ये पाबंदियां लागू की थीं।
ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया कि उन्हें यह नहीं पता कि किस अमेरिकी अधिकारी ने इस कदम को मंजूरी दी होगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या सैटेलाइट सेवाएं पूरी तरह से बहाल हो गई हैं, तो उन्होंने जवाब दिया: "नहीं, बिल्कुल नहीं। अभी भी कुछ सीमाएं (पाबंदियां) मौजूद हैं।" यूक्रेन के राष्ट्रपति के दावे को ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने चुनौती दी, जो उसी कार्यक्रम में अलग से शामिल हुए थे।
बेसेंट ने कहा कि ट्रंप और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने इस बात से इनकार किया है कि प्रशासन में किसी ने स्टारलिंक पर पाबंदियां लगाने का आदेश दिया था।
बेसेंट ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप और सेक्रेटरी रुबियो ने साफ तौर पर कहा है कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने भी ऐसा नहीं किया है।"
उन्होंने ज़ेलेंस्की के आरोप को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि उन्हें खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान में रुकावट आने की किसी घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
बेसेंट ने कहा, "फिर से कहूंगा, मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन हमारा रुख एकदम साफ रहा है।"
इन विरोधाभासी बयानों के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि संचार व्यवस्था में रुकावट के लिए कौन जिम्मेदार था और अमेरिकी खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए क्यों रोक दिया गया था।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूरोपीय साझेदारों का नेटवर्क बढ़ने के बावजूद, यूक्रेन अभी भी अमेरिकी सैन्य सहायता पर निर्भर है।
उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका का समर्थन न मिले, तो हालात बहुत मुश्किल हो जाएंगे।"
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूरी ताकत से हमला कर दिया था। तब से, रूसी सैन्य अभियानों - जिनमें मिसाइल और ड्रोन हमले भी शामिल हैं - के खिलाफ यूक्रेन के बचाव में अमेरिकी खुफिया जानकारी, हथियारों और सैटेलाइट संचार ने अहम भूमिका निभाई है।
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