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यमन के हूती विद्रोहियों के कब्जे में है यूएई का जहाज, 7 भारतीय शामिल, UNSC ने रिहाई की मांग की

Neha
15 Jan 2022 8:25 AM GMT
यमन के हूती विद्रोहियों के कब्जे में है यूएई का जहाज, 7 भारतीय शामिल, UNSC ने रिहाई की मांग की
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मान्यता प्राप्त सरकार की बहाली के लिए हूती विद्रोहियों से लड़ रहा है. सऊदी के गठबंधन में यूएई भी शामिल है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) ने यूएई के ध्वज वाले मालवाहक जहाज को यमन के हुदैदा बंदरगाह में हूती विद्रोहियों द्वारा बंधक बनाए जाने की निंदा करते हुए जहाज और उसमें सवार चालक दल के सदस्यों को तत्काल छोड़ने की मांग की है. जहाज पर सात भारतीय नागरिक भी सवार हैं. परिषद ने इस घटना पर शुक्रवार को जारी एक प्रेस बयान में कहा, 'सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्यों ने 2 जनवरी, 2022 को यमन (Yemen) के तट पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के ध्वज वाले जहाज आरडब्ल्यूएबीईई को हूती विद्रोहियों द्वारा बंधक बनाए जाने की निंदा की है.'

परिषद ने जहाज और उसके चालक दल की तत्काल रिहाई की मांग की और तब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया (UAE Ship in Yemen). भारत ने जहाज पर सवार सात भारतीयों की तत्काल रिहाई का अनुरोध किया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने बुधवार को कहा था, 'हम यमन में सैन्य अभियानों के निरंतर तीव्र होने से चिंतित हैं. पिछले कुछ वर्षों में सना, मारिब और शाब्वा में भीषण झड़पें शांति की संभावनाओं को कमजोर कर रही हैं.'
भारत ने चिंता व्यक्त की
उन्होंने चिंता जताई थी कि इस महीने की शुरुआत में हुदैदा तट पर संयुक्त अरब अमीरात के 'रवाबी' जहाज को बंधक बनाने से पहले से चल रहा तनाव और बढ़ेगा. तिरुमूर्ति ने कहा, 'हम इस कृत्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं जिसने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है (UAE Ship Seized in Yemen ). जहाज पर सवार चालक दल के सदस्यों में सात भारतीय नागरिक भी शामिल हैं और हम उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम को लेकर बहुत चिंतित हैं.' विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा था कि इस जहाज पर सवार सभी सात भारतीय सुरक्षित हैं और सरकार उनकी जल्द रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.
हूती विद्रोहियों ने क्या कहा?
हूती विद्रोहियों ने कहा है कि जहाज उनके जलक्षेत्र में था, इसलिए उसे कब्जे में लिया गया. इस जहाज को सऊदी अरब की कंपनी ने पट्टे पर लिया है. सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने भी घटना की निंदा की है. उसका कहना है कि जहाज को अवैध तरीके से कब्जे में लिया गया है, जबकि वो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ही था. यमन युद्ध (Yemen War) का कारण हूती विद्रोही ही हैं, जिन्हें ईरान का समर्थन मिल रहा है. सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की बहाली के लिए हूती विद्रोहियों से लड़ रहा है. सऊदी के गठबंधन में यूएई भी शामिल है.

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