
कनाडा | कैनेडा की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री जिम कार्नी (Jim Carney) द्वारा गठित नए मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के दो नेताओं को शामिल किया गया है। इसमें दिल्ली में जन्मीं अनीता खेड़ा (Anita Khera) को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, जबकि गुरप्रीत संधू (Gurpreet Sandhu) को नवाचार और आर्थिक विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।
अनीता खेड़ा: नई स्वास्थ्य मंत्री
अनीता खेड़ा का जन्म भारत की राजधानी दिल्ली में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपना अधिकतर जीवन कैनेडा में बिताया। चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कैनेडा की स्वास्थ्य प्रणाली को सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। खेड़ा ने अपनी नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सभी नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दिलाने के लिए काम करेंगी।
गुरप्रीत संधू: नवाचार और आर्थिक विकास मंत्री
गुरप्रीत संधू, जो भारतीय मूल के हैं, को कैनेडा के नवाचार और आर्थिक विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वे एक सफल व्यवसायी और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ रहे हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कैनेडा आर्थिक सुधार और नए तकनीकी निवेश को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दे रहा है।
भारतीय समुदाय की बढ़ती भूमिका
कैनेडा में भारतीय मूल के नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय समुदाय की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी से कैनेडा और भारत के संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
निष्कर्ष
कार्नी सरकार में भारतीय मूल के मंत्रियों की नियुक्ति यह दर्शाती है कि कैनेडा में प्रवासी समुदाय का योगदान बढ़ रहा है। अनीता खेड़ा और गुरप्रीत संधू के मंत्रालयों में आने से स्वास्थ्य और आर्थिक क्षेत्र में नए सुधारों की उम्मीद की जा रही है।





