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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के पंजगुर जिले में हुए एक धमाके में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। घटना गोवारगो तहसील के फतेह अली बाजार इलाके में हुई। स्थानीय सूत्रों के हवाले से ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ ने दावा किया है कि विस्फोटक कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा संचालित एक क्वाडकॉप्टर से जुड़ा था। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और स्थानीय पुलिस ने विस्फोटक उपकरण की प्रकृति को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के समय पांच बच्चे फतेह अली बाजार इलाके में खेल रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक पेड़ से लटकी हुई एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। बच्चों ने जब उस वस्तु को छेड़ा तो उसमें अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।मृतकों की पहचान 9 वर्षीय अरमान और 10 वर्षीय अमाल के रूप में की गई है। वहीं घायलों में 9 वर्षीय शाहिद, 7 वर्षीय जाहिद और 12 वर्षीय नूरुल्लाह शामिल हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के शुरुआती चरण में यह स्पष्ट नहीं था कि जिस संदिग्ध वस्तु में विस्फोट हुआ, वह हैंड ग्रेनेड थी, लैंडमाइन थी या किसी अन्य प्रकार का बिना फटा विस्फोटक उपकरण। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच के बाद ही विस्फोटक की वास्तविक प्रकृति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।इसके विपरीत, ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ ने घटना की जानकारी रखने वाले एक स्थानीय स्रोत के हवाले से आरोप लगाया कि विस्फोटक को कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना के एक क्वाडकॉप्टर से जोड़ा गया था और उसे इलाके में छोड़ा गया था। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों से इसे हैंड ग्रेनेड या किसी अन्य विस्फोटक उपकरण से हुई घटना के रूप में रिपोर्ट करने को कहा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी में क्वाडकॉप्टर संबंधी आरोप की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि बच्चों ने एक संदिग्ध विस्फोटक वस्तु देखी थी और उसके फटने से हादसा हुआ। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उपकरण इलाके में कैसे पहुंचा और उसका स्रोत क्या था।घटना ने एक बार फिर बलूचिस्तान में आम नागरिकों, खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। संघर्ष प्रभावित इलाकों में बिना फटे विस्फोटक और अन्य संदिग्ध उपकरण स्थानीय आबादी के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। पंजगुर की इस घटना में भी बच्चे खेलते समय संदिग्ध वस्तु के संपर्क में आए और हादसे का शिकार हो गए।
‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ ने अपनी रिपोर्ट में हाल के महीनों में बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में कथित ड्रोन और क्वाडकॉप्टर गतिविधियों से जुड़ी अन्य घटनाओं का भी उल्लेख किया है। रिपोर्ट में 24 सितंबर को केच के बालिचा इलाके में कथित ड्रोन हमले में चार युवकों की मौत और दो लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। इसके बाद मकरान क्षेत्र के वकीलों ने स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए अदालतों का बहिष्कार भी किया था।इसी रिपोर्ट में सितंबर के दौरान मंड और मस्तुंग क्षेत्रों में भी कथित क्वाडकॉप्टर या ड्रोन हमलों में नागरिकों के घायल होने के दावे किए गए हैं। हालांकि इन मामलों में भी कई विवरण स्थानीय स्रोतों और क्षेत्रीय रिपोर्टों पर आधारित हैं।
पंजगुर की घटना को लेकर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल विस्फोटक उपकरण के स्रोत का है। पुलिस ने बच्चों की मौत और घायलों की पुष्टि की है, लेकिन विस्फोटक किस प्रकार का था और वह वहां कैसे पहुंचा, इस पर जांच जारी है। क्वाडकॉप्टर से जुड़े आरोप स्थानीय सूत्रों की ओर से लगाए गए हैं और उन्हें अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।घटना के बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। दो नाबालिगों की मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। वहीं तीन घायल बच्चों के इलाज के बीच परिवार घटना की पूरी जांच और विस्फोटक के स्रोत का पता लगाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।इस मामले में उपलब्ध पुष्ट जानकारी फिलहाल यही है कि फतेह अली बाजार में संदिग्ध विस्फोटक वस्तु फटने से दो बच्चों की मौत और तीन के घायल होने की घटना हुई है। क्वाडकॉप्टर और सुरक्षा बलों से जुड़े दावे अभी आरोप के स्तर पर हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष ही यह स्पष्ट कर सकेंगे कि इस घातक विस्फोट के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
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