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Ankara अंकारा: तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने बुधवार को अंकारा में आयोजित एक बैठक के दौरान NATO के महासचिव मार्क रूटे से कहा कि तुर्किये रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को फिर से शुरू कराने और दोनों पक्षों के नेताओं को एक साथ बातचीत के लिए लाने की कोशिश कर रहा है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन की राजधानी कीव ने कहा कि उसने NATO सदस्य तुर्किये से रूस के साथ लीडर-स्तरीय बैठक की मेजबानी करने का अनुरोध किया है। वर्ष 2022 में रूस द्वारा बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के बाद से तुर्किये ने दोनों देशों—रूस और यूक्रेन—के साथ संतुलित और सक्रिय कूटनीतिक संबंध बनाए रखे हैं।
बैठक के दौरान एर्दोगन ने कहा कि तुर्किये इस युद्ध को बातचीत के जरिए समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका देश संघर्षरत पक्षों के बीच संवाद फिर से शुरू कराने और उच्च स्तर की वार्ता को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है।
तुर्की राष्ट्रपति ने NATO प्रमुख से यह भी कहा कि ट्रांसअटलांटिक संबंधों को बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन साथ ही यूरोपीय NATO सहयोगियों को ट्रांसअटलांटिक सुरक्षा जिम्मेदारियों में अधिक योगदान देना चाहिए।
इसके बाद, तुर्किये की राष्ट्रपति कार्यालय ने जानकारी दी कि एर्दोगन ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से भी बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक संघर्ष और तनाव यूरोप की सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, और यदि बड़ी शक्तियां शांतिपूर्ण तरीके से हस्तक्षेप नहीं करतीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रेसिडेंसी के बयान के अनुसार, एर्दोगन ने यह भी कहा कि तुर्किये न केवल रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए बल्कि अन्य क्षेत्रीय संघर्षों, विशेष रूप से ईरान से जुड़े मुद्दों में भी कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहा है।
तुर्किये, जो ईरान की सीमा से सटा हुआ देश है, लंबे समय से क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर देता रहा है। देश ने हाल ही में एक डिप्लोमेसी फोरम का भी आयोजन किया, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस फोरम के दौरान अमेरिका, ईरान और अन्य मध्यस्थ देशों के साथ भी संपर्क बनाए रखने की कोशिश की गई। तुर्किये का कहना है कि उसका उद्देश्य सभी पक्षों को एक साथ लाकर बातचीत के जरिए समाधान निकालना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तुर्किये की यह सक्रिय कूटनीति उसे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका में स्थापित कर रही है। रूस-यूक्रेन संघर्ष में संभावित वार्ता की वापसी वैश्विक स्तर पर शांति प्रयासों के लिए एक अहम कदम हो सकता है।
कुल मिलाकर, तुर्किये एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, और राष्ट्रपति एर्दोगन लगातार विभिन्न वैश्विक नेताओं के साथ संवाद के जरिए शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
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