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भूकंप के बाद जापान में सुनामी का खतरा, प्रशासन अलर्ट पर

Ratna Netam
28 July 2026 3:38 PM IST
भूकंप के बाद जापान में सुनामी का खतरा, प्रशासन अलर्ट पर
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टोक्यो : जापान में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद प्रशासन ने सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है। देश के क्यूशू क्षेत्र स्थित कुमामोटो प्रीफेक्चर में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) के अनुसार, भूकंप के झटकों की अधिकतम तीव्रता 'शिंदो 7' दर्ज की गई, जो जापान के भूकंपीय पैमाने पर सबसे ऊंचा स्तर माना जाता है।

भूकंप के बाद जापानी अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर अरियाके और यत्सुशिरो समुद्र के तटीय इलाकों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की। प्रशासन ने समुद्र किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सतर्क रहने और तटों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भूकंप के कुछ ही समय बाद प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में सुनामी की पहली लहर पहुंचने की संभावना थी। इसके अलावा आने वाले समय में और भी लहरें आने की आशंका जताई गई है।

जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यहां भूकंप की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है और किसी भी बड़े झटके के बाद तुरंत सुरक्षा अलर्ट जारी किए जाते हैं। मंगलवार को आए भूकंप ने एक बार फिर देश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सक्रिय कर दिया।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र क्यूशू क्षेत्र के कुमामोटो प्रीफेक्चर में था। भूकंप के दौरान जमीन तेज गति से हिली, जिससे कई इलाकों में लोग दहशत में आ गए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अफवाहों से बचने की सलाह दी है।

भूकंप के झटके केवल जापान तक सीमित नहीं रहे। पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के कुछ हिस्सों में भी इसके झटके महसूस किए गए। हालांकि, वहां किसी बड़े नुकसान की तत्काल जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को समुद्र के पास जाने से बचने और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े भूकंप के बाद समुद्र में अचानक हलचल होने से सुनामी की स्थिति बन सकती है, इसलिए शुरुआती घंटों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है।

जापान में भूकंप और सुनामी से निपटने के लिए मजबूत व्यवस्था मौजूद है। देश में इमारतों को भूकंपरोधी तकनीक से तैयार किया जाता है और लोगों को नियमित रूप से आपदा से बचाव के प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। इसके बावजूद बड़े स्तर के भूकंप लोगों के लिए चुनौती बन जाते हैं।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है। भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।

जापानी अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। मौसम विज्ञान एजेंसी लगातार भूकंप के बाद की स्थिति और समुद्री गतिविधियों पर नजर रख रही है।

गौरतलब है कि जापान प्रशांत महासागर के उस क्षेत्र में स्थित है जिसे 'रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है। इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां अधिक होने के कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इसी वजह से जापान ने भूकंप और सुनामी से निपटने के लिए दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों में से एक विकसित की है।

फिलहाल कुमामोटो प्रीफेक्चर और आसपास के तटीय इलाकों में लोग अलर्ट पर हैं। प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और आगे की जानकारी के आधार पर नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

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