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सैन्य जानकारी लीक करने वालों को निशाने पर लिया
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य जानकारी लीक करने वालों को लेकर बेहद कठोर और विवादित टिप्पणी की है। एरिजोना के बुलहेड सिटी में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी राय में ऐसी जानकारी लीक करने वालों को गोली मार देनी चाहिए। बुधवार, 14 अक्टूबर की रैली में ट्रंप ने गोपनीय सूचनाएं सार्वजनिक होने पर नाराजगी जताई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।
ट्रंप ने यह टिप्पणी एक सैन्य अभियान की जानकारी सार्वजनिक होने का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने दावा किया कि किसी देश पर हमले के लिए रवाना होने और वहां पहुंचने का समय लीक कर दिया गया था। राष्ट्रपति के अनुसार, इस वजह से अभियान का समय बदलना पड़ा। उनका इशारा जून 2025 में ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले की ओर माना गया, हालांकि उन्होंने जिस कथित लीक का जिक्र किया, उसका पूरा विवरण स्पष्ट नहीं किया। अपने संबोधन में ट्रंप ने जानकारी लीक करने वालों के लिए जेल की सजा का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से बहुत सख्ती से निपटा जाना चाहिए। यह रैली में दिया गया उनका बयान था; इसे किसी नई सजा लागू होने या किसी व्यक्ति के खिलाफ न्यायिक आदेश जारी होने की घोषणा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने रैली कवर कर रहे पत्रकारों की भी आलोचना की। उन्होंने मीडिया की ओर इशारा करते हुए उसकी तुलना जानकारी लीक करने वालों से की और गलत जानकारी प्रसारित करने का आरोप लगाया। इस तरह उनका संबोधन सैन्य सूचनाओं की गोपनीयता के मुद्दे से आगे बढ़कर समाचार माध्यमों पर हमले तक पहुंच गया। व्हाइट हाउस ने बयान पर प्रतिक्रिया में गोपनीय सरकारी जानकारी के अनधिकृत खुलासे को गंभीर अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने प्रशासन की ओर से गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, किसी कथित खुलासे के लिए जिम्मेदारी और दंड का निर्धारण संबंधित जांच तथा कानूनी प्रक्रिया से होता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले राजनीतिक प्रचार तेज है। ट्रंप एरिजोना और मोंटाना में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। एरिजोना में उनका कार्यक्रम एंडी बिग्स की उम्मीदवारी के समर्थन से जुड़ा था। चुनावी अभियान के बीच गोपनीय जानकारी लीक करने वालों पर उनकी टिप्पणी प्रमुख चर्चा बन गई। ट्रंप प्रशासन पहले भी आंतरिक सूचनाओं के खुलासे को रोकने के लिए कड़े कदम उठाता रहा है। संबंधित जांचों में अधिकारियों से पूछताछ और जानकारी के स्रोतों की तलाश जैसे उपाय शामिल रहे हैं। इन कदमों के साथ गोपनीयता, सरकारी जवाबदेही और पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल भी उठते रहे हैं। ताजा बयान ने इसी बहस को और तीखा किया है।
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