
वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में वापसी की सूरत में संघीय शिक्षा विभाग को खत्म करने का ऐलान किया है। उन्होंने इसे "अनावश्यक खर्च" बताते हुए कहा कि शिक्षा का नियंत्रण पूरी तरह राज्यों के पास होना चाहिए।
क्या है ट्रंप की योजना?
ट्रंप के मुताबिक, शिक्षा नीति का फैसला स्थानीय सरकारों और समुदायों को करना चाहिए, न कि वॉशिंगटन डीसी को। उनका मानना है कि संघीय विभाग शिक्षा प्रणाली पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण रखता है और इसमें करोड़ों डॉलर बेवजह खर्च किए जाते हैं।
यूक्रेन के साथ बड़ा खनिज समझौता
इस बीच, ट्रंप ने यूक्रेन के साथ एक अहम खनिज समझौता करने का दावा भी किया है। इस समझौते के तहत अमेरिका को यूक्रेन में मौजूद दुर्लभ खनिज संसाधनों तक अधिक पहुंच मिलेगी, जो हाई-टेक उद्योगों और रक्षा क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी हैं।
राजनीतिक मायने
यह कदम न सिर्फ अमेरिकी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है, बल्कि यूक्रेन के साथ अमेरिका के रणनीतिक रिश्तों को भी नया रूप देगा। ट्रंप के इन फैसलों से उनके समर्थक उत्साहित हैं, जबकि डेमोक्रेट्स इसे ‘चरमपंथी नीति’ बता रहे हैं।
आगे क्या?
अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो ये दोनों फैसले उनके प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होंगे। शिक्षा विभाग बंद करने की योजना को लेकर अमेरिका में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जबकि यूक्रेन डील से वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है।





