
वॉशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। ट्रंप ने कहा कि हाल में हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने अपनी बड़ी सैन्य क्षमता और कई महत्वपूर्ण सैन्य कमांडरों को खो दिया है। उन्होंने ईरान के नेतृत्व को लेकर भी टिप्पणी की, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में विस्तृत जानकारी या कोई आधिकारिक आंकड़े साझा नहीं किए। ट्रंप ने कहा कि ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी अब उसके साथ नहीं हैं और देश की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में कमजोर हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि खामेनेई "90 प्रतिशत चले गए हैं।" हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके इस बयान का मतलब क्या है। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि यह टिप्पणी किसी राजनीतिक स्थिति, नेतृत्व में बदलाव या किसी अन्य संदर्भ में की गई है।
मोजतबा खामेनेई ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं। अली खामेनेई के निधन के बाद से मोजतबा की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान के नेतृत्व को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।
इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दोबारा प्रतिबंध और नाकेबंदी जैसे कदम उठाने की बात कही है। उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका ईरान पर फिर से ब्लॉकेड लगाएगा। इसके अलावा उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले शुल्क लेने की बात भी कही।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह खाड़ी क्षेत्र को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी मार्ग से होता है। ऐसे में इस क्षेत्र को लेकर किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर डाल सकता है।
ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था कि अमेरिका "होर्मुज स्ट्रेट का गार्डियन" बनेगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाने की योजना बना रहा है।
हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा ऐतिहासिक रूप से ईरान की जिम्मेदारी रही है और अमेरिका का इस पर दावा करना स्वीकार्य नहीं है।
अराघची ने कहा कि यह समुद्री मार्ग क्षेत्रीय देशों के लिए महत्वपूर्ण है और इसकी सुरक्षा को लेकर बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अमेरिका की ओर से किए गए दावों और प्रस्तावों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, सैन्य गतिविधियों और मध्य पूर्व में प्रभाव को लेकर मतभेद रहे हैं। हालिया घटनाओं ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवाद बढ़ता है तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
वहीं, ईरान की ओर से अमेरिकी दावों का विरोध किए जाने के बाद अब दुनिया की नजर दोनों देशों के अगले कदम पर है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार अपील करता रहा है कि क्षेत्र में तनाव कम किया जाए और किसी भी सैन्य टकराव से बचा जाए।
फिलहाल, ट्रंप के बयानों और ईरान की प्रतिक्रिया के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका और ईरान इस विवाद को किस दिशा में ले जाते हैं और क्या बातचीत के जरिए कोई समाधान निकल पाता है या नहीं।





