
Washington वाशिंगटन : Donald Trump ने ओमान को चेतावनी दी है कि ईरान के साथ जारी नाजुक बातचीत के बीच वह किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न करे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में कूटनीतिक गतिविधियां और तनाव दोनों ही लगातार चर्चा में बने हुए हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर कड़ी निगरानी रखेगा।
Oman को लेकर दिए गए अपने बयान में ट्रंप ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर अमेरिका सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी बाहरी पक्ष को इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
व्हाइट हाउस में बुधवार (स्थानीय समय) को आयोजित एक कैबिनेट बैठक के दौरान पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह किसी ऐसे अल्पकालिक समझौते को स्वीकार करेंगे, जिसमें Iran और ओमान को होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नियंत्रण या प्रभाव की अनुमति दी जाए। इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने स्पष्ट रूप से “नहीं” कहा और दोहराया कि यह जलमार्ग सभी के लिए खुला रहेगा।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की बंदिश या नियंत्रण की स्थिति को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, और इसका खुला रहना अंतरराष्ट्रीय हित में है।
PRESIDENT TRUMP: The Strait is going to be open to everybody. It’s international waters. We’ll watch over it, but nobody’s going to control it.
— Department of State (@StateDept) May 27, 2026
Oman will behave like everybody else or we’ll have to blow them up. They understand that. pic.twitter.com/hCs1tIhZGP
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसी कारण इस क्षेत्र में किसी भी तरह की राजनीतिक या सैन्य हलचल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में कई देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अमेरिका लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी सैन्य और रणनीतिक उपस्थिति बनाए हुए है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है, हालांकि अमेरिका का रुख लगातार यह रहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं होने चाहिए।
फिलहाल इस बयान पर ओमान या ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर नजर बनी हुई है।





