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वर्ल्ड | अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई गोपनीय वार्ता के बाद रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों पर 30 दिनों तक हमला नहीं करने का वादा किया है। इस सीमित शांति समझौते को युद्धग्रस्त क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक अस्थायी कदम माना जा रहा है।
क्या है समझौते की शर्तें?
- रूस 30 दिनों तक यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाएगा।
- इस दौरान कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
- यूक्रेन और नाटो इस समझौते पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं।
क्या यह युद्ध रोक सकता है?
विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल अस्थायी राहत है और वास्तविक युद्धविराम तभी संभव होगा जब सभी पक्ष व्यापक वार्ता के लिए तैयार हों।
अब आगे क्या?
- अमेरिका, नाटो और यूक्रेन इस पहल पर क्या रुख अपनाते हैं, यह अहम होगा।
- रूस की आगे की रणनीति इस 30-दिन की अवधि के बाद स्पष्ट होगी।
यह समझौता शांति की दिशा में एक संकेत तो है, लेकिन क्या यह स्थायी समाधान बनेगा, यह देखने वाली बात होगी। 🕊️🌍
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