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Washington वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनुमान लगाया कि अगर ईरान के साथ प्रस्तावित समझौता फाइनल हो जाता है, तो ग्लोबल ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। उनका तर्क है कि मिडिल ईस्ट में ज़्यादा स्थिरता और अहम शिपिंग रूट के फिर से खुलने से एनर्जी मार्केट पर दबाव कम होगा।
व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि मार्केट ने इस समझौते की खबर पर पहले ही पॉज़िटिव प्रतिक्रिया दी है।
ट्रंप ने कहा, "स्टॉक मार्केट 1000 पॉइंट ऊपर है। इसका मतलब है कि उन्हें यह डील पसंद है।"
उन्होंने कहा कि ऑयल की कीमतें पहले ही कम होने लगी हैं और संकेत दिया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद और गिरावट आ सकती है।
ट्रंप ने कहा, "ऑयल की कीमतें गिरी हैं। ऑयल की कीमतें और कम होने लगेंगी, मुझे लगता है कि पहले से भी कम हो जाएंगी।"
राष्ट्रपति ने एनर्जी की गिरती कीमतों को बड़े आर्थिक फायदों से जोड़ा।
उन्होंने कहा, "जब ऑयल की कीमतें कम होती हैं, तो बाकी सब कुछ भी सस्ता हो जाता है।"
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते का एक अहम हिस्सा खाड़ी क्षेत्र में समुद्री रास्तों को फिर से खोलना होगा।
उन्होंने कहा, "जैसे ही हम इस पर हस्ताक्षर करेंगे, जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) खुल जाएगा।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या समझौते के लागू होने के तुरंत बाद समुद्री नाकेबंदी से जुड़ी पाबंदियां हटा ली जाएंगी, तो ट्रंप ने जवाब दिया: "हां, यह सच है, यह डील का हिस्सा है और ऑयल की कीमतें तेज़ी से गिरेंगी।"
ट्रंप ने तर्क दिया कि तनाव के बावजूद अमेरिका इस क्षेत्र से एनर्जी शिपमेंट का प्रवाह बनाए हुए है।
उन्होंने कहा, "हम बहुत सारे जहाज लाए और लाखों, करोड़ों बैरल ऑयल यहां लाया गया।"
राष्ट्रपति ने इस समझौते को दुनिया के सबसे अहम एनर्जी-प्रोड्यूसिंग क्षेत्रों में से एक में स्थिरता लाने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
ट्रंप ने कहा, "हमारे पास एक समझौता है कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होंगे। यह एक बेहतरीन डील है।"
ट्रंप के अनुसार, समझौता तैयार होने के आखिरी चरण में है और कुछ ही दिनों में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, "यह बहुत डिटेल्ड मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग है। हर कोई चाहता है कि यह हो जाए।"
राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि तनाव कम होने से अमेरिकी किसानों और उपभोक्ताओं को फायदा होगा क्योंकि फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ी लागत कम हो जाएगी।
ट्रंप ने कहा, "किसानों को फर्टिलाइज़र की समस्या है, लेकिन अब कीमतें कम हो रही हैं। आपका फ्यूल सस्ता होने वाला है।" ईरान से जुड़ी घटनाओं को लेकर एनर्जी मार्केट में हमेशा बहुत हलचल रही है, क्योंकि यह देश होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक अहम रणनीतिक स्थिति में है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिससे होकर हर दिन दुनिया का बहुत सारा कच्चा तेल समुद्री रास्ते से एक्सपोर्ट किया जाता है।
भारत के लिए, कच्चे तेल की कम कीमतें आर्थिक रूप से बहुत मायने रखती हैं। भारत अपनी ज़रूरत का 85 प्रतिशत से ज़्यादा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एनर्जी की कीमतें महंगाई, सरकारी खजाने और घरों में ईंधन की लागत पर असर डालने वाला एक बड़ा कारक हैं।
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