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ईरान की धमकी के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- हमला हुआ तो तबाही मचा देंगे

Shantanu Roy
11 July 2026 11:12 PM IST
ईरान की धमकी के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- हमला हुआ तो तबाही मचा देंगे
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Washington. वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से अपनी हत्या या हमले की किसी भी कोशिश पर बेहद कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ ऐसा जवाब देने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। हालांकि, अमेरिकी व्यवस्था में ऐसा कोई ऑटोमैटिक सिस्टम मौजूद नहीं है, जिसके तहत राष्ट्रपति की मौत के बाद उनके पहले से दिए गए आदेश अपने आप लागू हो जाएं। किसी भी सैन्य कार्रवाई का अंतिम फैसला उस समय पद संभालने वाले राष्ट्रपति के पास होगा।
राष्ट्रपति की मौत के बाद सत्ता किसके हाथ में जाएगी?
अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन और 1947 के प्रेसिडेंशियल सक्सेशन एक्ट के तहत राष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफे या पद से हटने की स्थिति में उपराष्ट्रपति तुरंत राष्ट्रपति बन जाते हैं। अगर किसी हमले में डोनाल्ड ट्रंप की मौत होती है तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस देश के कमांडर इन चीफ बन जाएंगे। इसके बाद किसी भी सैन्य कार्रवाई का अधिकार नए राष्ट्रपति के पास होगा। वेंस चाहें तो ट्रंप के बताए गए सैन्य जवाब को आगे बढ़ा सकते हैं, लेकिन उनके पास यह अधिकार भी होगा कि वह परिस्थितियों के अनुसार अलग फैसला लें।
अमेरिका के पास नहीं है ‘डेड मैन स्विच’
अमेरिका में ऐसी कोई तकनीकी व्यवस्था नहीं है जिसमें राष्ट्रपति की मौत होते ही पहले से तय परमाणु या सैन्य हमला अपने आप शुरू हो जाए। ‘रेवेन रॉक: द स्टोरी ऑफ द यूएस गवर्नमेंट्स सीक्रेट प्लान टू सेव इटसेल्फ’ के लेखक गैरेट एम. ग्रैफ के अनुसार, अमेरिका ने कई कारणों से कभी भी ऐसा सिस्टम नहीं अपनाया है। उनका कहना है कि इतने बड़े फैसले के लिए मानवीय नियंत्रण और राजनीतिक नेतृत्व की जरूरत होती है। किसी भी बड़े सैन्य कदम को स्वचालित तरीके से शुरू करना बेहद जोखिम भरा माना जाता है।
परमाणु हमले जैसी स्थिति के लिए हैं आपातकालीन योजनाएं
अमेरिका के पास ऐसी कई आपातकालीन योजनाएं हैं, जिनका उद्देश्य बड़े हमले या आपदा की स्थिति में सरकार को चलाए रखना है। इन योजनाओं के तहत अगर वाशिंगटन में भारी तबाही होती है या बड़ी संख्या में अधिकारी मारे जाते हैं, तब भी शासन व्यवस्था को जारी रखने की तैयारी की गई है। हालांकि, इन योजनाओं में राष्ट्रपति की मौत के बाद तुरंत बदला लेने की अनुमति शामिल नहीं है।
ट्रंप ने ईरान को दी थी कड़ी चेतावनी
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि ईरान उन्हें मारने या मारने की कोशिश करने की धमकी दे चुका है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अमेरिकी मिसाइलें ईरान को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं और अगर ईरानी सरकार ने कोई कदम उठाया तो जवाब बेहद कठोर होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की ओर से अमेरिकी नेतृत्व को निशाना बनाने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
ईरान ने भी दी बदले की चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरानी लोग अपने नेताओं और युद्ध में मारे गए लोगों की मौत का बदला लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ईरान की ओर से दिए गए इन बयानों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया खतरा गंभीर
पूर्व अमेरिकी रक्षा विभाग अधिकारी सबरीना सिंह ने कहा कि ईरान द्वारा वरिष्ठ अमेरिकी नेताओं को निशाना बनाने की कोशिशों को गंभीर खतरे के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियों को केवल बयानबाजी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सुरक्षा एजेंसियां इन पर लगातार नजर रखती हैं।
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