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ईरान की मदद कर रहे रूस और चीन ट्रंप ने दिया बड़ा बयान

Ratna Netam
13 Oct 2026 5:18 PM IST
ईरान की मदद कर रहे रूस और चीन ट्रंप ने दिया बड़ा बयान
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वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और चीन की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा है कि रूस और चीन ईरान को सैन्य या अन्य प्रकार की सहायता प्रदान कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मॉस्को और बीजिंग मौजूदा संघर्ष में तेहरान की मदद कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों देशों के पास खोने के लिए बहुत कुछ है और वे ऐसा जोखिम उठाना नहीं चाहेंगे।सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने आलोचकों और राजनीतिक विरोधियों की ओर से रूस तथा चीन द्वारा ईरान की मदद किए जाने के दावे देखे हैं। हालांकि उन्होंने इन आरोपों पर संदेह जताते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर सहायता दी भी जा रही है, तो वह बेहद सीमित होगी।
ट्रंप बोले- रूस और चीन के पास खोने के लिए बहुत कुछ
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में कहा कि उन्हें बिल्कुल विश्वास नहीं है कि रूस और चीन ईरान की मदद कर रहे हैंट्रंप के अनुसार, यदि दोनों देश ऐसा कर भी रहे होंगे, तो सहायता बहुत छोटे स्तर पर होगी। उन्होंने कहा कि रूस और चीन के लिए इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से बड़े नुकसान का खतरा हो सकता है।ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यदि मॉस्को या बीजिंग तेहरान की सहायता कर रहे होते, तो अमेरिका को इसकी जानकारी बहुत जल्द मिल जाती।उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस और चीन की ओर से ईरान को संभावित खुफिया तथा सैन्य सहयोग मिलने संबंधी रिपोर्टों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।
ईरान को खुफिया जानकारी देने के आरोपों पर विवाद
रूस और चीन पर आरोप लगाए गए हैं कि उनसे जुड़ी संस्थाओं ने ईरान को ऐसी सूचनाएं उपलब्ध कराई होंगी, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था।कुछ रिपोर्टों में रूस की ओर से संवेदनशील सैन्य जानकारी और चीन से जुड़ी संस्थाओं द्वारा तकनीकी सहयोग दिए जाने के दावे सामने आए हैं।हालांकि इन रिपोर्टों के सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप ने इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दोनों देश ईरान की महत्वपूर्ण सहायता कर रहे हैं।
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच आया बयान
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच फरवरी 2026 के अंत से जारी संघर्ष ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा। इसके जवाब में ईरान की ओर से भी सैन्य हमले किए गए।संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं। इसी पृष्ठभूमि में रूस और चीन की संभावित भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
रूस और चीन के ईरान से पुराने संबंध
रूस और चीन दोनों के ईरान के साथ लंबे समय से कूटनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। रूस का ईरान के साथ सुरक्षा तथा रक्षा क्षेत्र में सहयोग रहा है, जबकि चीन ईरान का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है।हालांकि आर्थिक या कूटनीतिक संबंध होना मौजूदा संघर्ष में प्रत्यक्ष सैन्य सहायता देने का प्रमाण नहीं है।चीन ने ईरान पर अमेरिकी हमलों को लेकर उसकी संप्रभुता के उल्लंघन की बात कही है। वहीं, रूस ने संघर्ष के बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा और हथियारों की होड़ पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चेतावनी दी है।
अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी अलग-अलग संकेत
रूस और चीन की भूमिका को लेकर अमेरिकी प्रशासन तथा सुरक्षा मामलों से जुड़ी रिपोर्टों में अलग-अलग आकलन सामने आए हैं।कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान को मिलने वाले विभिन्न प्रकार के बाहरी सहयोग का उल्लेख किया है। इसके बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर रूस और चीन की प्रत्यक्ष सहायता के दावों को अधिक महत्व नहीं दिया है।इस अंतर के कारण ईरान संघर्ष में बाहरी देशों की भूमिका को लेकर सवाल बने हुए हैं।
ट्रंप के बयान के बाद फिर चर्चा में रूस और चीन
ट्रंप के ताजा बयान से स्पष्ट है कि वह रूस और चीन की ओर से ईरान को महत्वपूर्ण सहायता दिए जाने के दावों से सहमत नहीं हैं।हालांकि उनका बयान इन आरोपों की स्वतंत्र जांच का विकल्प नहीं है। रूस और चीन की वास्तविक भूमिका का आकलन उपलब्ध साक्ष्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही किया जा सकता है।अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के दौरान रूस तथा चीन की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।
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